Sim Binding Rules: अगर यूं कहा जाए कि आज का समय तकनीक का है तो शायद इसमें कोई दो राय न हो? समय-समय पर नई तकनीक आती है और हमारे जीवन को बदल देती है। बात अगर मोबाइल की करें तो आज हम लैंडलाइन से स्मार्टफोन तक का सफर तय कर चुके हैं और हो सकता है कि आने वाले वर्षों में वर्षों में ये चीजें और बदल सकती है।
वहीं, बात अगर मोबाइल की है तो इन दिनों आपने सिम बाइंडिंग को लेकर काफी चर्चा सुनी होगी? लगभग हर दूसरा व्यक्ति सिम बाइंडिंग की बात कर रहा है, लेकिन ऐसा क्यों और आखिर ये सिम बाइंडिंग क्या है? वहीं, इसका असर व्हाट्सएप एप और बाकी एप पर क्या पड़ सकता है? तो चलिए जानते हैं इस बारे में। आप अगली स्लाइड्स में सिम बाइंडिंग के बारे में विस्तार से जान सकते हैं...
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क्या होता है सिम बाइंडिंग?
- फोटो : AdobeStock
सवाल: क्यों हो रही है सिम बाइंडिंग (Sim Binding) की चर्चा?
जवाब: दरअसल, हाल ही में दूरसंचार विभाग ने व्हाट्सएप, सिग्नल, टेलीग्राम, स्नैपचैट जैसे कई एप के लिए सिम बाइंडिंग लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नियम को ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम यानी बीआईएफ ने समस्याजनक बताया है। जबकि, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सीओएआई ने इस फैसले का स्वागत किया है। हालांकि, इंस्टैंट मैसेजिंग एप इसे लेकर जरूर चिंता में है।
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सवाल: होता क्या है सिम बाइंडिंग? (What is SIM binding?)
जवाब: आपके मन में ये जरूर चल रहा होगा कि सिम बाइंडिंग होता क्या है? तो आसान भाषा में आपको बता दें कि जैसे, यूपीआई एप का इस्तेमाल करने के लिए आपके मोबाइल में सिम कार्ड होना जरूरी होता है। इसे ही सिम बाइंडिंग कहा जाता है यानी आप जो एप चला रहे हैं और उसमें जो मोबाइल नंबर लिंक है वो आपके उसी सिम हो जिसमें एप चल रही है और नंबर एक्टिव हो।
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सवाल: नियम कब होगा लागू?
जवाब: मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इस नए नियम को लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है। ऐसे में समझा जा सकता है कि फरवरी 2026 तक ये नियम लागू हो जाएगा।
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सवाल: क्यों लागू किया जा रहा है सिम बाइंडिंग को?
जवाब: सिम बाइंडिंग को संबंधित विभाग द्वारा इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि तेजी से बढ़ रहे पैसों के फ्रॉड्स को रोका जा सके। आए दिन घटनाएं सामने आती हैं जिनमें लोगों को हैकर्स सिस्टम के लूप-होल्स का फायदा उठाकर नए तरीके से ठगने का काम करते हैं। पर जब सिम बाइंडिंग लागू हो जाएगा तो सिम स्वैप करके इंस्टैंट मैसेजिंग एप को एक्सेस नहीं किया जा सकेगा और फ्रॉड की घटनाओं को रोकने में काफी मदद मिल सकती है।