आज के समय आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड काफी जरूरी दस्तावेज हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर वित्त से जुड़े जरूरी कामकाज कराने में इन दस्तावेजों की विशेष जरूरत हम लोगों को होती है। इसके अलावा बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराना हो, स्टॉक मार्केट या म्यूचुअल फंड में निवेश करना हो। वहां भी आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की खास जरूरत हम लोगों को होती है। वहीं क्या कभी आपने इस सवाल पर विचार किया है कि आखिर व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड का क्या होता है? इस बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके इन दस्तावेजों का क्या होता है? अगर आप इस बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
जानना जरूरी: व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड का क्या होता है?
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पैन कार्ड
पैन कार्ड की जरूरत हमें कई जरूरी वित्तीय और गैर वित्तीय कामकाज को पूरा कराने में होती है। यह काफी जरूरी दस्तावेज है। पैन कार्ड में दस अंकों का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है। इसको इनकम टैक्स विभाग द्वारा जारी किया जाता है।
वहीं अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में उस व्यक्ति के पैन कार्ड का कहीं पर गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है। ऐसे में उस व्यक्ति के पैन कार्ड को इनकम टैक्स विभाग से संपर्क करके सरेंडर कर देना चाहिए।
आधार कार्ड
आधार व्यक्ति की पहचान का प्रमाण है। आज के समय विभिन्न सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड की खास जरूरत हम लोगों को होती है। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। इस स्थिति में आपको उस व्यक्ति के आधार कार्ड को लॉक करवा देना चाहिए।
वोटर आईडी कार्ड
चुनाव के समय मतदान करने के लिए वोटर आईडी कार्ड की खास जरूरत होती है। अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है। इस स्थिति में आप चुनाव में वोटिंग नहीं कर सकते हैं। वहीं अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। इस स्थिति में आप फॉर्म 7 भरकर संबंधित व्यक्ति के वोटर आईडी कार्ड को कैंसिल करा सकते हैं।
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