UPS: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को लेकर बड़ी जानकारी दी है। पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के बीच स्विच को लेकर विस्तृत नियम जारी किए हैं। अब कर्मचारी यूपीएस से एनपीएस में जा सकते हैं, लेकिन इसमें कई शर्तें रखी गई हैं।
UPS: यूपीएस में सिर्फ पेंशन नहीं, कर्मचारियों को मिलते हैं इतने सार फायदे, जानिए कैसे उठा सकते हैं फायदा
UPS: यूपीएस से एनपीएस में जाने की सिर्फ एक बार इजाजत होगी और वापसी का विकल्प नहीं होगा। यह विकल्प सेवानिवृत्ति से कम से कम एक साल पहले या वॉलंटरी रिटायरमेंट से 3 महीने पहले तक लिया जा सकेगा।
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यूपीएस में क्या मिलेगा फायदा?
-यूपीएस में कम से कम 20 वर्ष की सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्ति के समय बीते 12 महीने की औसत बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा, जबकि 10 वर्ष की नौकरी के बाद कर्मचारी को कम से कम 10, 000 रुपये महीना की पेंशन मिलेगी।
- साथ ही कर्मचारियों को अपने बेसिक वेतन और डीए का 10 फीसदी योगदान देना होगा, तो वहीं सरकार 18.5 फीसदी का योगदान करेगी। कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके जीवन साथी को पेंशन का 60 प्रतिशत मिलेगा।
-कर्मचारी को पेंशन पर महंगाई राहत मिलेगी। इसके बाद सेवानिवृत्ति के बाद भी महंगाई से सुरक्षा बनी रहेगी। सेवानिवृत्ति और मृत्यु दोनों ही स्थितियों में कर्मचारियों को ग्रेच्युटी भी मिलेगी। सेवानिवृत्ति होने पर एक मुश्तराशि भी मिलेगी जो सेवा के वर्षों के हिसाब से तय की जाएगी।
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कैसे ले सकते हैं फायदा?
अगर कर्मचारी यूपीएस का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो वो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं।
-ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और यूपीएस के लिए रजिस्टर्ड करना होगा।
-इसके बाद माइग्रेट फ्रॉम एनपीएस टू यूपीएस के विकल्प का चुनाव करना होगा। फिर कर्मचारी आवश्यक जानकारी भर के सबमिट करना होगा।
-ऑफलाइन आवेदन के लिए आपको प्रक्रिया से जुड़े फॉर्म डाउनलोड करके भरने होंगे और अपने डीडीओ के पास जमा करना पड़ेगा।
-इसके बाद आपका आवेदन पत्र पीएओ के पास भेजा जाएगा। कर्मचारियों को यह प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी करनी होगी।