हम अपनी मेहनत की कमाई को अपने बैंक खाते में जमा कराते हैं, और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल करते हैं। बैंक में खाता खोलने पर हमें कई तरह की सुविधाएं भी मिलती हैं। एटीएम कार्ड के अलावा हमें चेक बुक जैसी सुविधा भी बैंक खाता खोलने पर मिलती है। चेक से हम किसी को पेमेंट कर सकते हैं, जिसका भुगतान देने वाले व्यक्ति के बैंक खाते से होता है। कई बार लोग चेक एडवांस रूप में या उसी समय के लिए भी देते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि लोगों के चेक बाउंस हो जाते हैं, जिसका कारण बैंक खाते में पर्याप्त राशि का न होना, चेक पर किए गए साइन का खाते धारक के साइन से न मिलना आदि होते हैं। ऐसे में चेक बाउंस होने पर क्या होता है? आप देने वाले व्यक्ति से कैसे पैसे ले सकते हैं? क्या इसके लिए कोई नियम है? तो चलिए जानते हैं इसके बारे में...
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Cheque Bounce Rule: अगर चेक हो गया है बाउंस, तो क्या आपको हो सकती है सजा? जानें क्या कहता है नियम
Mon, 27 Dec 2021 09:03 AM IST
प्रकाश चंद जोशी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Mon, 27 Dec 2021 09:03 AM IST
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एक महीने के अंदर करना होता है भुगतान
- दरअसल, अगर चेक बाउंस होता है, तो इसका फाइन आपके बैंक खाते से काटा जाता है। अगर आपका चेक बाउंस होता है, तो आपको इसकी सूचना चेक देने वाले व्यक्ति यानी देनदार को देनी होती है। वहीं, उस व्यक्ति को आपको एक महीने के अंदर भुगतान करना होता है।
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क्या है नियम?
- अगर एक महीने के अंदर देनदार चेक का भुगतान नहीं कर पाता है, तो उसको लीगल नोटिस दिया जा सकता है। वहीं, अगर इस नोटिस का जवाब 15 दिनों के अंदर नहीं आता है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ Negotiable Instrument Act 1881 के सेक्शन 138 के अंतर्गत केस तक किया जा सकता है।
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इतनी हो सकती है सजा
- वहीं, देनदार पर केस दर्ज होने के बाद उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दो साल तक की जेल या फिर दोनों का प्रावधान है। वहीं, देनदारी वाले पैसे पर आपको ब्याज भी देना होता है।
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ये बात भी जानें
- जब भी आपको कोई चेक देता है, तो इसे आपको तीन महीने के अंदर ही कैश करा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि चेक की वैधता तीन महीने तक ही रहती है।