फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Indian Railways: यात्रियों के थूकने की बुरी आदत को रोकने के लिए रेलवे ने शुरू किया ये खास प्लान, जानें इसके बारे में

Sun, 16 Jan 2022 06:25 PM IST
ज्योति मेहरा यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Sun, 16 Jan 2022 06:25 PM IST
विज्ञापन
indian railways roll out pocket biodegradable spittoons at 42 stations Know about the new plan of Railways
पाउच वाला थूकदान कैसे करता है काम? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

आमतौर पर देखा जाता है कि लोग रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म या किसी भी सार्वजनिक जगह पर बेझिझक थूक देते हैं, जबकि ये हमारे लिए बेहद खतरनाक है। इससे लोगों को कई तरह की बीमारी होने का खतरा रहता है। वहीं कोरोना काल में इसके लिए सख्ती के बावजूद भी लोगों की आदत नहीं बदली। ऐसे में अब रेलवे ने इससे बचने के लिए एक नायाब तरीका खोज निकाला है। दरअसल, इस नए तरीके को अपनाकर अब लोग कहीं भी और कभी भी थूक सकते हैं और खास बात तो ये है कि इससे किसी को भी संक्रमण का खतरा भी नहीं होगा। अब आप सोच रहे होंगे की आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? तो आइए हम आपको बताते हैं कि इसके पीछे कौन सी तरकीब है, जिससे रेलवे थूक के दाग-धब्बों और निशानों को साफ करने के लिए हर साल खर्च होने वाले 1200 करोड़ रुपये को भी बचा सकती है। साथ ही इससे लोग भी सुरक्षित रहेंगे। 

indian railways roll out pocket biodegradable spittoons at 42 stations Know about the new plan of Railways
पाउच वाला थूकदान कैसे करता है काम? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
  • स्टेशन व प्लेटफॉर्म पर लोगों की इस बुरी आदत पर रोक लगाने के लिए रेलवे एक नायाब इनोवेशन लेकर आया है। दरअसल, इसके तहत अब यात्रियों को रेलवे परिसर में थूकने से रोकने के लिए कुल 42 स्टेशनों पर वेंडिंग मशीन के साथ कियोस्क लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इस वेंडिंग मशीन में 5 और 10 रुपये तक के स्पिटून पाउच यानी पाउच वाला थूकदान दिए जाएंगे। 
indian railways roll out pocket biodegradable spittoons at 42 stations Know about the new plan of Railways
पाउच वाला थूकदान कैसे करता है काम? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
  • इसके लिए रेलवे के 3 जोन पश्चिम, उत्तर और मध्य रेलवे ने नागपुर के एक स्टार्टअप ईजीपिस्ट को कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इस स्पिटून पाउच की खास बात ये है कि इसे कोई भी शख्स आसानी से अपनी जेब में रख सकता है। इसका मतलब ये कि इसकी मदद से बार-बार थूक फेंकने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोग कहीं भी और कभी भी बिना किसी को संक्रमण का खतरा दिए थूक सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
indian railways roll out pocket biodegradable spittoons at 42 stations Know about the new plan of Railways
पाउच वाला थूकदान कैसे करता है काम? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
  • अब बात करें कि ये स्पिटून पाउच काम कैसे करते हैं, तो इन बायोडिग्रेडेबल पाउच को आप 15 से 20 बार इस्तेमाल कर सकते हैं। खास बात तो ये है कि ये थूक को एक ठोस पदार्थ में बदल देता है, इससे कोई दाग लगने का भी डर नहीं होता। 
विज्ञापन
indian railways roll out pocket biodegradable spittoons at 42 stations Know about the new plan of Railways
पाउच वाला थूकदान कैसे करता है काम? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
  • इसके अलावा ये पर्यावरण के लिए भी घातक नहीं है। पूरी तरह से इस्तेमाल करने के बाद इन पाउचों को मिट्टी में डाल दिया जाता है और ये बाद में पूरी तरह से घुल जाते हैं। दरअसल, इन वेंडिंग मशीन को नागपुर की स्टार्टअप कंपनी ने स्टेशनों पर लगाना शुरू भी कर दिया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed