What is Passenger Reservation System? : भारतीय रेलवे को अक्सर देश की 'जीवन रेखा' कहा जाता है, जिससे हर दिन करोड़ों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। अक्सर कुछ लोगों को रेलवे में कंफर्म टिकट पाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। व्यस्त रूटों पर टिकटों की मारामारी और वेटिंग लिस्ट की अनिश्चितता को खत्म करने के लिए रेलवे अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है।
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Confirm Ticket: 40 साल बाद रेलवे टिकट बुकिंग में होगा बड़ा बदलाव, AI की मदद से कंफर्म टिकट पाना होगा आसान
Fri, 08 May 2026 07:58 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Fri, 08 May 2026 07:58 PM IST
सार
AI Confirm Ticket Probability: भारतीय रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग में लंबे समय बात एक बड़ा और क्रांतिकारी बदालव करने जा रहा है। अब रेलवे की टिकट बुकिंग में एआई की मदद से सीटें कंफर्म होंगी। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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एआई आधारित टिकट बुकिंग
- फोटो : AI
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रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें
- फोटो : Amar Ujala
क्यों बदला जा रहा है 40 साल पुराना सिस्टम?
- मौजूदा टिकट बुकिंग सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था, इसके बाद अब कई छोटे-बड़े बदलाव हुए, इसी कड़ी में 2002 में टिकट की बुकिंग ऑनलाइन कर दी गई।
- आज लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं, जिसे संभालने के लिए अधिक क्षमता वाले सर्वर की जरूरत है।
- नया सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित है ताकि भारी भीड़ के समय वेबसाइट या एप हैंग न हो।
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- फोटो : AdobeStock
AI 94% तक सटीक बताएगा कंफर्म सीट का प्रिडिक्शन
- एआई (AI) तकनीक अब यह सटीक जानकारी देगी कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं।
- वर्तमान में जो वेटिंग टिकट कंफर्म होने की संभावना दिखाता है उसके सही होने की सटीकता सिर्फ 53 % है। वहीं जब एआई आधारित बुकिंग होगी तो कंफर्म सीट पाने का जो अनुमान दिखाएगा वो 94% तक सटीक हो सकेगा।
- यह सिस्टम पुराने डेटा और सीटों की उपलब्धता का मुल्यांकन करके एकदम सही जानकारी देता है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
'पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम' के मुख्य फायदे
- इस नए सिस्टम में वेटिंग टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी की सटीकता (Accuracy) 94% तक होने का दावा किया गया है।
- नया सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा तेज होगा। नई तकनीक से प्रति मिनट लगभग 1.5 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे, जो वर्तमान क्षमता (32,000 टिकट प्रति मिनट) से लगभग पांच गुना अधिक है।
- टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए, तत्काल टिकट बुकिंग को केवल आधार के माध्यम से वेरीफाइड यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, और उस समय भी सर्वर स्मूद चलेगा।
- नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम अधिक सुलभ होगा। इसमें कई क्षेत्रीय भाषाएं (Multilingual) उपलब्ध होंगी, जिससे देश भर के यात्री आसानी से अपनी भाषा में टिकट बुक कर सकेंगे
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- फोटो : AdobeStock
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
- नए सिस्टम की क्षमता पहले से कहीं ज्यादा है, जिससे तत्काल टिकट बुकिंग के समय लोडिंग की समस्या कम होगी।
- रेल मंत्री के निर्देशानुसार, सिस्टम शिफ्टिंग के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- टिकट बुकिंग में एआई का इस्तेमाल भारतीय रेलवे को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा और स्मार्ट बनाएगा।