Fake GST Bill: आज के समय विभिन्न चीजों की खरीदारी पर जीएसटी (Goods and services Tax) वसूला जा रहा है। जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है। इसने भारतीय टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता लाने का काम किया है। हम में से अधिकतर लोग अक्सर रेस्तरां में खाना खाने के लिए जाते हैं। हालांकि, खाना खाने के बाद रेस्तरां में हमें एक लंबा चौड़ा बिल थमा दिया जाता है। जल्दबाजी में कई ग्राहक बिल को गौर से देखे बिना उस पर लिखे पैसों की पेमेंट कर देते हैं। इसी चीज का फायदा उठाकर कई रेस्तरां बिल में फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है।
जानना जरूरी: रेस्तरां में खाने के बिल के नाम पर हो रहा फर्जीवाड़ा, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे धोखे के शिकार
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ऐसी कई शिकायतें सामने निकलकर आई हैं, जिनमेंरेस्तरां कस्टमर बिल में फर्जी जीएसटी जोड़ देते हैं। वहीं मुख्य बिल में इसको नहीं जोड़ते हैं। ऐसे में कस्टमर को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है।
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कई बार तो रेस्तरां में सीजीएसटी और जीएसटी को दर्शाते हुए बिल को जारी किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ रेस्तरां का जीएसटी नंबर ही जारी नहीं होता।
ऐसे में अगर आप रेस्तरां में जा रहे हैं। इस स्थिति में आपको खाना खाने के बाद मिलने वाले बिल को अच्छे से देखना चाहिए। अगर बिल में जीएसटी नंबर नहीं है। ऐसे में आपको जीएसटी चार्ज देने से साफ मना कर देना चाहिए।
इसके अलावा अगर बिल में जीएसटी नंबर दिखाया गया है। इस स्थिति में आप उसकी पुष्टि की जांच ऑनलाइन तरीके से कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि रेस्तरां गलत ढंग से बिल चार्ज कर रहा है। इस स्थिति में आप टोल फ्री नंबर 18001200232 पर इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।