Detention Without FIR Rules: कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोगों को पुलिस अपने थाने बुलाकर पुछताछ करती है। मगर कई ऐसे मामले भी देखने को मिलते हैं जिसमें पुलिस एफआईआर दर्ज न होने पर भी पुछताछ के नाम पर लोगों को कई घंटों तक थाने मैं बैठा लेती है। ऐसे में लोगों के मन सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि आखिर आम लोगों के पास क्या अधिकार होते हैं। क्या सच में पुलिस पूछताछ के नाम पर किसी को घंटों थाने में बैठाकर रख सकती है।
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बिना एफआईआर दर्ज किए पुलिस आपको थाने में कितनी देर रख सकती है? जानिए कानून का नियम
Tue, 08 Sep 2026 03:04 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Tue, 08 Sep 2026 03:04 PM IST
सार
Rights During Police Inquiry: अक्सर जब लोगों का पहली बार पुलिस से समाना होता है तो उनके दिमाग में कानून से जुड़े कुछ बुनियादी सवाल आते हैं। मसलन पुलिस कितनी देर थाने में बैठा सकती है, किन मामलों में बिना एफआईआर तुरंत गिरफ्तारी होती है आदि। आइए इस लेख में इसी से जुड़े कुछ सवालों का जवाब जानते हैं।
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बिना एफआईआर पूछताछ नियम
- फोटो : AI
नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है पुलिस
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नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है पुलिस
- अगर पुलिस को किसी व्यक्ति से पूछताछ की जरूरत है, तो मामले की परिस्थितियों के अनुसार उसे पुलिस अधिकारी के सामने उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया जा सकता है।
- इसका उद्देश्य जांच में जरूरी जानकारी हासिल करना होता है। नोटिस मिलने पर संबंधित व्यक्ति को उसमें दिए निर्देशों का पालन करना होता है।
- यानी सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाए जाने को अपने आप गिरफ्तारी नहीं माना जा सकता।
24 घंटे का नियम कब लागू होता है?
- फोटो : अमर उजाला
24 घंटे का नियम कब लागू होता है?
- सबसे जरूरी बात यह है कि 24 घंटे का नियम गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़ा है।
- BNSS की धारा 187 के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करके हिरासत में रखा जाता है और जांच 24 घंटे में पूरी नहीं हो पाती, तो पुलिस को उसे संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है।
- संविधान का अनुच्छेद 22 भी गिरफ्तार व्यक्ति को जल्द से जल्द मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने का अधिकार देता है।
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पुलिस स्टेशन पर कितनी देर थाने में बैठा सकती है पुलिस
- फोटो : AI
क्या बिना FIR के गिरफ्तारी हो सकती है?
- सिर्फ यह कह देना कि FIR दर्ज नहीं हुई है, तो गिरफ्तारी नहीं हो सकती है ये पूरा सच नहीं है।
- कुछ परिस्थितियों में संज्ञेय अपराध और कानूनी शर्तें पूरी होने पर पुलिस FIR से पहले भी कार्रवाई कर सकती है, लेकिन गिरफ्तारी के लिए कानूनी आधार और निर्धारित प्रक्रिया जरूरी है।
- वहीं, अगर आरोप गंभीर नहीं है, तो कानून में पुलिस द्वारा नोटिस के जरिए व्यक्ति को जांच में शामिल होने के लिए बुलाने की व्यवस्था है।
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थाने बुलाए जाने पर क्या समझें?
- फोटो : Adobe Stock
थाने बुलाए जाने पर क्या समझें?
- अगर पुलिस आपको पूछताछ के लिए बुलाती है, तो पहले यह समझना जरूरी है कि आपको किस मामले में और किस हैसियत से बुलाया गया है।
- अगर पुलिस ने नोटिस दिया है, तो उसे ध्यान से पढ़ें और उसकी शर्तों का पालन करें।
- अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है, तो गिरफ्तारी की वजह बताना और आपको निर्धारित समय के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना कानून की प्रक्रिया का हिस्सा है।