बाजार से कोई सामान खरीदते समय बिल पर लिखी एक लाइन अक्सर लोगों को परेशान कर देती है, ‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा।’ इसके बाद अगर घर पहुंचने पर सामान में खराबी निकल आए तो कई ग्राहक यही सोचकर चुप हो जाते हैं कि अब कुछ नहीं किया जा सकता। लेकिन हर स्थिति में ऐसा नहीं है। दुकानदार अपनी रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी तय कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह उपभोक्ता के कानूनी अधिकार खत्म कर सकता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 ग्राहकों को कई अधिकार देता है।
Consumer Rights: ‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा’ लिखकर दुकानदार आपको नहीं कर सकता परेशान! जानिए आपका असली अधिकार
Know Your Rights: दुकान पर लिखा ‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा’ देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। सामान खराब, दोषपूर्ण या वादे के मुताबिक नहीं मिलने पर उपभोक्ता के कानूनी अधिकार बने रहते हैं। जानिए किन मामलों में रिफंड, एक्सचेंज या दूसरी राहत मांगी जा सकती है।
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पसंद बदलने पर दुकानदार की शर्त लागू हो सकती है
मान लीजिए आपने कोई कपड़ा, जूता या दूसरा सामान खरीदा और बाद में आपका मन बदल गया। सामान में कोई खराबी भी नहीं है, लेकिन अब वह पसंद नहीं आ रहा। ऐसी स्थिति में दुकानदार आपको सामान वापस लेने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। यहां उसकी रिटर्न पॉलिसी लागू हो सकती है। यानी सिर्फ पसंद बदल जाना और सामान में खराबी होना, दोनों अलग-अलग मामले हैं।
खराब सामान मिला तो मामला बदल जाता है
अगर खरीदी गई वस्तु में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है, गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं है, गलत सामान दिया गया है या वह विज्ञापन और किए गए वादे के अनुरूप नहीं है, तो केवल बिल पर ‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा’ लिख देना पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता कानून के तहत ग्राहक अपनी शिकायत के आधार पर राहत मांग सकता है। इसमें सामान की मरम्मत, खराब वस्तु के बदले नया सामान, रिफंड या नुकसान होने पर मुआवजे की मांग शामिल हो सकती है। कौन-सी राहत मिलेगी, यह मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
सेल में खरीदा सामान भी खराब निकला तो?
डिस्काउंट या सेल में खरीदा गया सामान अगर दोषपूर्ण है या उसकी गुणवत्ता में समस्या है तो ग्राहक के कानूनी अधिकार खत्म नहीं हो जाते। लेकिन सामान सही है और ग्राहक सिर्फ अपनी पसंद बदलने के कारण उसे लौटाना चाहता है, तो दुकानदार की रिटर्न पॉलिसी देखनी होगी।
दुकानदार शिकायत न सुने तो यहां करें शिकायत
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अगर खराब सामान को लेकर दुकानदार उचित शिकायत सुनने से मना करता है, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की मदद ली जा सकती है। ग्राहक 1915 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा UMANG ऐप से शिकायत दर्ज करने का विकल्प है। जरूरत पड़ने पर ई-दाखिल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपभोक्ता आयोग में भी शिकायत की जा सकती है।
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