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ईटीएफ और म्यूचुअल फंड क्या है अंतर? जानें किसमें निवेश पर मिलगा अधिक फायदा

Sun, 06 Sep 2026 01:39 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Sun, 06 Sep 2026 01:39 PM IST
सार

Exchange Traded Fund Differences: इन दिनों निवेश के दुनिया में ईटीएफ की चर्चा काफी बढ़ गई है। बहुत से लोग अब ईटीएफ में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, मगर कुछ लोगों को ईटीएफ को लेकर कई सवाल हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।

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ETF vs Mutual Fund: Key Differences and Which Investment Offers Better Returns in hindi
ईटीएफ बनाम म्यूचुअल फंड - फोटो : AI

ETF vs Mutual Fund India: आज के समय में शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए सोच रहे लोगों के सामने दो लोकप्रिय विकल्प आते हैं- ईटीएफ और म्यूचुअल फंड। भले ही ये दोनों फंड निवेशकों के पैसों को एक जगह इकट्ठा करके अलग-अलग शेयरों में लगाते हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका और लागत काफी अलग होती है। 



जहां म्यूचुअल फंड में आप एसआईपी के जरिए रोजाना या महीने के आधार पर तय रकम लगाते हैं, वहीं ईटीएफ को शेयर बाजार में किसी नॉर्मल शेयर की तरह दिनभर में कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है। आइए बहुत आसान भाषा में समझते हैं कि ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में क्या बड़ा अंतर है और आपके लिए कौन सा बेहतर रहेगा।

ETF vs Mutual Fund: Key Differences and Which Investment Offers Better Returns in hindi
खरीदने और बेचने के तरीके में क्या है बड़ा अंतर? - फोटो : अमर उजाला

खरीदने और बेचने के तरीके में क्या है बड़ा अंतर?

  • ईटीएफ को शेयर बाजार (NSE/BSE) के लाइव ट्रेडिंग समय के दौरान डिमैट अकाउंट के जरिए किसी भी वक्त खरीदा या बेचा जा सकता है।
  • इसे आप बाजार बंद होने के बाद दिन के अंत में मिलने वाली एनएवी यानी नेट एसेट वैल्यू की कीमत पर ही खरीद या बेच सकते हैं।
  • ईटीएफ में निवेश के लिए डिमैट अकाउंट होना अनिवार्य है, जबकि म्यूचुअल फंड के लिए डिमैट अकाउंट होना जरूरी नहीं है।
ETF vs Mutual Fund: Key Differences and Which Investment Offers Better Returns in hindi
लागत और फीस में कौन सा है सस्ता? - फोटो : अमर उजाला

लागत और फीस में कौन सा है सस्ता?

  • ईटीएफ का एक्सपेंस रेशियो बेहद कम होता है क्योंकि इसे एक्टिवली मैनेज करने के लिए बड़े फंड मैनेजरों की टीम की जरूरत नहीं होती।
  • एक्टिव म्यूचुअल फंड्स में एक्सपर्ट्स पोर्टफोलियो संभालते हैं, इसलिए इनका एक्सपेंस रेशियो ईटीएफ की तुलना में ज्यादा होता है।
  • लंबी अवधि के निवेश में ईटीएफ में सामान्यतौर पर कम खर्च होता है जो आपके कुल रिटर्न को बढ़ा सकता है।
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रिटर्न और रिस्क के मामले में कौन सा है बेहतर? - फोटो : adobe stock

रिटर्न और रिस्क के मामले में कौन सा है बेहतर?

  • इंडेक्स ईटीएफ किसी खास इंडेक्स को ट्रैक करने की कोशिश करता है।
  • इसका प्रदर्शन आमतौर पर उस इंडेक्स के करीब रहता है, लेकिन एक्सपेंस रेशियो, ट्रैकिंग एरर और अन्य लागतों के कारण ईटीएफ का एक्चुअल रिट्रर्न इंडेक्स से थोड़ा अलग हो सकता है।
  • अच्छे एक्टिव म्यूचुअल फंड्स में फंड मैनेजर अपने अनुभव से बाजार (इंडेक्स) से भी बेहतर रिटर्न देने की कोशिश करते हैं।
  • इंडेक्स ईटीएफ में बाजार का सामान्य जोखिम होता है, जबकि म्यूचुअल फंड में फंड मैनेजर के फैसलों का भी असर पड़ता है।
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शुरुआती निवेशकों के लिए किसमें निवेश करना सही रहेगा? - फोटो : AdobeStock

शुरुआती निवेशकों के लिए किसमें निवेश करना सही रहेगा?

  • अगर आप हर महीने बिना किसी झंझट के फिक्स रकम बचाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड की एसआईपी सबसे आसान रास्ता है।
  • अगर आपके पास डिमैट अकाउंट है और आप बाजार की कीमतों के हिसाब से निवेश करना चाहते हैं, तो ईटीएफ सही विकल्प है।
  • अपने वित्तीय लक्ष्य, डिमैट खाते की उपलब्धता और रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार ही सही फंड का चुनाव कर सकते हैं।


अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और जोखिमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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