शादी के बाद पति-पत्नी अक्सर घर के खर्च के लिए एक ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। कई बार पति अपने क्रेडिट कार्ड पर पत्नी के नाम से ऐड-ऑन कार्ड भी ले लेते हैं। ऐसे में एक सवाल बहुत सी महिलाओं के मन में रहता है कि अगर वह इस कार्ड का इस्तेमाल करती हैं और समय पर बिल चुकाया जाता है तो क्या उनका भी क्रेडिट स्कोर बनता है? इसका सीधा जवाब है सिर्फ पति के नाम वाले कार्ड का इस्तेमाल करने से पत्नी का अपना क्रेडिट स्कोर नहीं बनता। क्रेडिट स्कोर हर व्यक्ति के अपने क्रेडिट इतिहास और भुगतान व्यवहार के आधार पर तैयार होता है।
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महिलाओं के नाम क्रेडिट कार्ड क्यों जरूरी हो सकता है?
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ऐड-ऑन कार्ड से क्या होता है?
मान लीजिए क्रेडिट कार्ड पति के नाम पर है और पत्नी को उसी कार्ड का ऐड-ऑन कार्ड मिला हुआ है। ऐसे कार्ड का मुख्य अकाउंट पति का होता है और भुगतान की जिम्मेदारी भी प्राथमिक कार्डधारक की होती है। सीआईबीआईएल के मुताबिक ऐड-ऑन कार्ड से जुड़े भुगतान में डिफॉल्ट होने पर उसका असर संबंधित क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई दे सकता है। इसलिए कार्ड की शर्तों को समझना जरूरी है। लेकिन पत्नी अगर अपना स्वतंत्र क्रेडिट इतिहास बनाना चाहती हैं तो सिर्फ ऐड-ऑन कार्ड पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। अपने नाम पर क्रेडिट कार्ड सुविधा लेने से अपना क्रेडिट इतिहास बनाया जा सकता है।
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पति का अच्छा स्कोर पत्नी को अपने आप नहीं मिलेगा
अगर पति का क्रेडिट स्कोर अच्छा है और वह समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल भरते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि पत्नी का स्कोर भी अपने आप अच्छा हो जाएगा। शादी होने से दोनों का क्रेडिट रिकॉर्ड एक नहीं हो जाता। दोनों के क्रेडिट प्रोफाइल अलग रहते हैं।
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संयुक्त लोन में मामला अलग हो सकता है
अगर पति-पत्नी किसी लोन में संयुक्त उधारकर्ता हैं या किसी संयुक्त क्रेडिट खाते के लिए दोनों जिम्मेदार हैं तो उस खाते का भुगतान व्यवहार दोनों के क्रेडिट रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकता है। सीआईबीआईएल भी संयुक्त और सह-हस्ताक्षरित खातों पर नजर रखने की सलाह देता है।
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अपना क्रेडिट स्कोर बनाना चाहती हैं तो क्या करें?
अगर पत्नी का अभी कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है तो वह अपनी जरूरत और पात्रता के हिसाब से अपने नाम पर क्रेडिट कार्ड या दूसरी क्रेडिट सुविधा ले सकती हैं। इसके बाद बिल समय पर भरना, क्रेडिट लिमिट का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करना और बार-बार नए क्रेडिट के लिए आवेदन न करना अच्छे क्रेडिट इतिहास के लिए जरूरी आदतें हैं। इसलिए घर में पति का क्रेडिट कार्ड होने के बावजूद महिलाओं को अपने नाम की वित्तीय पहचान और क्रेडिट हिस्ट्री पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे भविष्य में अपने नाम पर लोन या क्रेडिट सुविधा की जरूरत पड़ने पर अपना क्रेडिट रिकॉर्ड काम आ सकता है।
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