इन दिनों ओपनएआई रिसर्च कंपनी द्वारा तैयार किए गए लैंग्वेज मॉडल टूल चैटजीपीटी का बिजनेस, एजुकेशन, कस्टमर सपोर्ट से लेकर गवर्नेंस और कई दूसरे क्षेत्रों में जमकर उपयोग किया जा रहा है। यही नहीं दुनिया में कई देशों की सरकार नीति निर्माण करने के लिए भी चैटजीपीटी जैसे टूल के इस्तेमाल को लेकर विचार और विमर्श कर रही हैं। एक तरफ जहां चैटजीपीटी जैसे लैंग्वेज मॉडल टूल की भविष्य में अच्छी संभावनाएं देखी जा रही हैं। वहीं उसी के समानांतर चैटजीपीटी से जुड़े कई नकारात्मक पहलू भी सामने निकलकर आने लगे हैं।
इसी कड़ी में चैटजीपीटी से जुड़ी एक घटना देश दुनिया में खूब सुर्खियां बटोर रही है। यह घटना एवियांका एयरलाइन से जुड़े एक केस की है, जहां वकील ने केस जीतने के लिए चैटजीपीटी से मिली जानकारियों का इस्तेमाल कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया। हालांकि, बाद में पता चला कि चैटजीपीटी से मिले जिन उद्धरणों और संदर्भों का जिक्र मामले की सुनवाई के दौरान किया गया था। वह पूरी तरह झूठे थे।
रोबर्टो माता को कोलंबियन एयरलाइन एवियांका में सफर करते समय सर्विंग कार्ट से चोट लग गई थी। ऐसे में रोबर्टो का प्रतिनिधित्व करते हुए वकील स्टीवन ने उनका मुकदमा कोर्ट में दायर किया। मुकदमा जीतने के लिए स्टीवन ने चैटजीपीटी के माध्यम से केस से जुड़ी जरूरी जानकारियों का अध्ययन किया।
इसके बाद मुकदमे की सुनवाई के दौरान स्टीवन ने चैटजीपीटी से मिले कई उद्धरणों का हवाला दिया, जो केस जीताने में उनका समर्थन कर रहे थे। हालांकि, जब विपक्षी पक्ष ने स्टीवन द्वारा दिए गए इन सभी तथ्यों की जांच की, तो पता चला की ये सभी उद्धरण और संदर्भ पूरी तरह झूठे थे।
इस बात के सामने आते ही यूएस जिला कोर्ट के न्यायाधीश केविन कास्टल ने स्टीवन की लीगल टीम से इस मामले को लेकर स्पष्टीकरण प्रपत्र की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश केविन कास्टल ने बताया कि स्टीव द्वारा अपने समर्थन में जमा किए गए उद्धरण फर्जी हैं। इसके अलावा जिन संदर्भों का उन्होंने केस में जिक्र किया है। वह भी झूठे हैं।
इस घटना के बाद स्टीवन ने इस बात का स्वीकार किया कि वह एआई द्वारा दी जाने वाली झूठी जानकारियों से अंजान थे। इसके अलावा उन्होंने केस की सुनवाई के दौरान एआई द्वारा मिलने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी के इस्तेमाल को लेकर भी खेद व्यक्त किया। आज के समय दुनियाभर में करोड़ों लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस टूल द्वारा दी जाने वाली भ्रामक जानकारियां समाज में कई तरह के खतरे पैदा कर सकती है।