Image Stabilization: क्या है OIS और EIS में अंतर, Smartphone खरीदने से पहले जान लें, नहीं तो हो जाएगा नुकसान

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 15 Jan 2025 05:26 PM IST
सार

स्मार्टफोन्स में इमेज स्टेबलाइजेशन को कंट्रोल करने के लिए OIS (Optical Image Stablization) और EIS (Electronic Image Stablization) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। आइए जानते हैं दोनों में क्या अंतर है और ये कैसे काम करते हैं।

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What Is OIS And EIS In Smartphone Camera And Key Differences Know Before Buying
500MP CAMERA PHONE - फोटो : अमर उजाला

    अगर आप स्मार्टफोन से वीडियो रिकॉर्ड करने के शौकीन हैं तो आप जानते होंगे कि कैमरे की इमेज स्टेबिलिटी कितनी जरूरी है। कई लोग कैमरे की क्वालिटी के चलते स्मार्टफोन खरीदने का फैसला बदल देते हैं। खासकर वीडियो रिकॉर्डिंग करते समय एक बढ़िया क्वालिटी और स्टेबिलिटी वाला फुटेज मिलना बहुत जरूरी होता है. स्मार्टफोन्स में इमेज स्टेबलाइजेशन को कंट्रोल करने के लिए OIS (Optical Image Stablization) और EIS (Electronic Image Stablization) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। आइए जानते हैं दोनों में क्या अंतर है और ये कैसे काम करते हैं।

    Phone Camera
    Phone Camera - फोटो : FREEPIK

    OIS (Optical Image Stablization)

    ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन यानी OIS हार्डवेयर-आधारित तकनीक है, जो आपके स्मार्टफोन कैमरे में सेंसर या लेंस को फिजिकली रूप से हिलने से रोकती है. जब आप तस्वीर खींचते हैं या वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और कैमरा हिलता है (जैसे चलते समय या हल्के झटकों के दौरान), तो OIS सेंसर इसे डिटेक्ट करता है और लेंस को सही पोजिशन में बनाने का काम करता है।

    Phone Camera
    Phone Camera - फोटो : FREEPIK

    OIS के फायदे

    OIS लो-लाइट फोटोग्राफी में बेहतर प्रदर्शन देता है।इसमें ज्यादा क्लियर और शार्प तस्वीरें मिलती हैं।लंबे एक्सपोज़र समय के दौरान OIS लेंस स्थिर रहता है।

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