ये पांच गैजेट, जिनसे कर सकते हैं आप किसी की भी जासूसी

जासूसी गैजेट से दुनिया का कोई हिस्सा अछूता नहीं है। इंटरनेशनल म्यूजियम के इतिहासकार थॉम्स बॉग्हार्ट के मुताबिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ऐसे जासूस गैजेट जब्त किए जिसकी वजह से रूस ने कई प्रकार के खुफिया कदम उठाए थे।
कुछ साल बाद अमेरिका के सीआईए चीफ जूलिया चाइल्ड ने वर्ल्ड वॉर 2 खत्म होने बाद अपनी पर्सनल फाइल रिलीज करते हुए ऐसे गैजेट पेश किए जिसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे।
ये ऐसे गैजेट है जिससे आप किसी की भी जासूसी कर सकते हैं। एक समय था जब इन गैजेट्स को स्पेशल न्यौता मिलने के बाद ही देखने का मौका मिलता था। लेकिन इंटरनेशनल स्पाइ म्यूजियम ने इसे आम लोगों ने लिए ओपन कर दिया है।

जासूसी में इस्तेमाल की गई यह लिपस्टिक पिस्टल 4.5 मिली/मीटर सिंगल शॉट हथियार है। म्यूजियम में इसे 'किस ऑफ डेथ' के नाम से जाने जानी वाली पिस्टल को केजीबी के एजेंट से 1960 में लिया गया था।
इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल कुछ ऐसे किया जाता था कि टारगेट को पता भी नहीं चलता।

म्यूजियम में रखे गए इस कैमरे की खासियत थी कि इसे कोट की जेब में रखकर जासूसी की जा सकती थी। दरअसल यह एक छोटा कैमरा है जिसका मॉडल नंबर F-21 है जो कि केजीबी ने 1970 में जारी किया था।
इस तरह के पॉर्टेबल कैमरे का इस्तेमाल खासतौर पर राजनीतिक रैलियों में किया जाता था ताकि किसी को शक न हो सके।
स्पाइ म्यूजियम के डायरेक्टर पीटर अरनेस्ट जिन्होंने सीआईए की इन्टेलिजेन्स एजेंसी के लिए काम किया है, ने भी इसका इस्तेमाल किया था।