Spam Calls: फोन कॉल पर Spam का टैग कौन लगाता है? जानिए Truecaller और Google कैसे करते हैं पहचान
स्मार्टफोन पर किसी कॉल के साथ स्पैम लिखा देखकर कई लोग सोचते हैं कि आखिर यह फैसला कौन करता है। क्या कोई सरकारी एजेंसी ऐसा करती है या फिर Caller ID एप्स? जानिए Truecaller और Google किन आधारों पर किसी नंबर को स्पैम बताते हैं और हाल ही में TRAI के साथ क्यों शुरू हुआ विवाद।

आज के समय में स्पैम कॉल्स लोगों की सबसे बड़ी परेशानियों में शामिल हो चुकी हैं। कभी ऑफिस की अहम मीटिंग के दौरान तो कभी ड्राइविंग करते समय अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स बार-बार परेशान करती हैं। इनमें कई कॉल मार्केटिंग कंपनियों की होती हैं, जबकि कुछ मामलों में साइबर ठग भी ऐसे ही नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके फोन की स्क्रीन पर किसी नंबर के साथ 'Spam' क्यों लिखा दिखाई देता है और यह तय कौन करता है? इसका जवाब Caller ID एप्स के काम करने के तरीके में छिपा है।

TRAI और Caller ID एप्स के बीच क्यों शुरू हुआ विवाद?
- हाल के दिनों में TRAI और कुछ Caller ID प्लेटफॉर्म के बीच इस मुद्दे को लेकर विवाद सामने आया है। कई बैंकों ने शिकायत की कि उनके आधिकारिक 140 और 1600 सीरीज के नंबरों को कुछ Caller ID एप्स स्पैम के रूप में दिखा रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि कई ग्राहकों ने बैंकिंग अलर्ट और लोन रिकवरी जैसी जरूरी कॉल्स रिसीव ही नहीं कीं, क्योंकि उनके फोन पर इन नंबरों को स्पैम बताया गया या कॉल ब्लॉक हो गई।
- हालांकि, TRAI फिलहाल इन Caller ID एप्स को सीधे नियंत्रित करने की बात नहीं कर रहा है। नियामक संस्था इस समस्या का समाधान करने के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रही है, ताकि जरूरी कॉल्स गलती से स्पैम की श्रेणी में न चली जाएं।

Google की Caller ID कैसे पहचानती है Spam कॉल?
- Android स्मार्टफोन में मिलने वाला Google Phone एप भी यूजर्स को स्पैम कॉल्स से बचाने के लिए अपना सिस्टम इस्तेमाल करता है। यह सिस्टम पब्लिक बिजनेस डायरेक्टरी, वेरिफाइड बिजनेस प्रोफाइल और यूजर्स द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर किसी नंबर की पहचान करता है।
- अगर किसी नंबर के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें मिलती हैं, तो Google उस नंबर से आने वाली कॉल के दौरान यूजर को स्पैम की चेतावनी दिखाने लगता है। इसके अलावा कुछ Android डिवाइस में Google ने AI आधारित Scam Detection फीचर भी दिया है। यह फीचर कॉल के दौरान बातचीत के पैटर्न का विश्लेषण करता है और अगर उसे धोखाधड़ी जैसी गतिविधि का संकेत मिलता है, तो उस कॉल को संभावित स्पैम या स्कैम के रूप में चिन्हित कर देता है।
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