अब AI बताएगा बुवाई का सही समय: किसानों को 10 दिन पहले मिलेगी बारिश की सूचना; ऐसे काम करेगा IMD का नया सिस्टम

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Thu, 14 May 2026 10:25 AM IST
सार

IMD AI Weather Forecast 2026

: अब यूपी के किसानों को बारिश, सिंचाई और फसल बोने के सही समय को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। आईएमडी ने किसानों के लिए AI आधारित खास मौसम सिस्टम लॉन्च किया है, जो पहले से ही बारिश और मौसम की सटीक जानकारी देगा। जानें क्या है यह नया AI सिस्टम, कैसे करेगा काम और किसान इसका फायदा कहां उठा सकेंगे?

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IMD AI Weather System: Farmers Get Monsoon Alerts 4 Weeks Early
IMD AI मौसम पूर्वानुमान - फोटो : freepik

    AI Monsoon Prediction India

    : भारत में मौसम पूर्वानुमान अब पहले से ज्यादा स्मार्ट और सटीक होने वाला है। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD ) ने दो नए AI आधारित मौसम पूर्वानुमान सिस्टम लॉन्च किए हैं, जो इस मानसून सीजन से काम करना शुरू करेंगे। आपको बता दें यह पहली बार है जब आईएमडी ने अपनी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इतने बड़े स्तर पर शामिल किया है।

    IMD High Resolution Rainfall UP: एआई को अपनाने की क्या जरूरत पड़ी?

    नई तकनीक को अपनाने का मकसद किसानों की ज्यादा से ज्यादा मदद करना है। इससे किसानों को मौसम की ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा बारिश और मानसून का स्थानीय स्तर पर अनुमान लगाना और खेती और आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकेगी।

    प्रतीकात्मक तस्वीर
    प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    Precision Agriculture AI: नया AI आधारित Forecast System क्या है ?

    इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट यानी आईएमडी ने इसमें दो बड़े एआई प्रोजेक्ट्स को जोड़ा है। या लॉन्च किया है।AI आधारित Monsoon Advance Forecast Systemउत्तर प्रदेश के लिए High-Resolution Rainfall Forecast

    पहले प्रोजेक्ट में यानी की एआई मानसून एडवांस फोरकास्ट सिस्टम में 16 राज्यों के 3,000 से ज्यादा ब्लॉक्स और उप-जिलों के लिए मानसून की प्रगति का अनुमान लगाएगा। यह सिस्टम हर बुधवार को अगले 4 हफ्तों तक का पूर्वानुमान जारी करेगा।वहीं, दूसरा प्रोजेक्ट यानी उत्तर प्रदेश के लिए हाई प्रदेश के लिए उच्च-रिजॉल्यूशन रेनफॉल फोरकास्ट यूपी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। यह सिस्टम में एक किलोमीटर ग्रिड रेजोल्यूशन पर काम करेगा और दस दिन पहले ही बारिश की जानकारी देगा। यह भारत के सबसे एडवांस लोकल रेनफॉल फोरकास्ट सिस्टम्स में से एक माना जा रहा है।

    AI सिस्टम कैसे काम करेगा ?

    यह सिस्टम कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करता है। इसमें ऑटोमैटिक रेन गेज, वेदन स्टेशन, डॉप्लर रडार और सैटेलाइट डेटा शामिल है। जानकारों का कहना है कि एआई इन सभी डेटा को प्रोसेस करके बेहद हाई-रिजोल्यूशन मौसम पूर्वानुमान तैयार करेगा।

    प्रतीकात्मक तस्वीर
    प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    मानसून ऑनसेट कैसे तय होगा?

    इसमें एआई लगातार पांच दिनों की बारिश और अगले 30 दिनों में सूखे की संभावना के आधार पर मानसून की शुरुआत का अनुमान लगाएगा। आईएमडी के अनुसार इसका एरर मार्जिन लगभग चार दिन तक हो सकता है।

    किसानों को कैसे फायदा मिलेगा ?

    नई AI तकनीक खासतौर पर किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। कहा जा रहा है कि इससे हमारे देश के किसानों को कई फायदे हो सकते हैं। जैसे:सही समय पर फसल बो सकेंगे।सिंचाई की बेहतर योजना बना सकेंगे।फसल सुरक्षा के फैसले ले सकेंगे।कटाई का सही समय तय कर पाएंगे।बारिश आधारित खेती वाले इलाकों में इसका सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।

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