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Bengaluru Stampede: बंगलूरू में भगदड़ से फीकी पड़ी ट्रॉफी की चमक; खेल जगत में पहले भी मातम में बदल चुका जश्न
Thu, 05 Jun 2025 09:16 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 05 Jun 2025 09:16 AM IST
सार
यह खेल की दुनिया में पहली बार नहीं है जब किसी टीम का जश्न मातम में बदला। हाल ही में पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के पहली बार चैंपियंस लीग जीतने पर भी जश्न मनाने के दौरान पेरिस में बवाल हुआ था। हम आपको ऐसी ही छह घटनाओं के बारे में बता रहे हैं...
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बंगलूरू में जश्न मनाने के दौरान हुआ हादसा
- फोटो : PTI
आरसीबी के 18 सत्र के इंतजार के बाद पहले आईपीएल खिताब जीतने से शहर में जश्न का माहौल था जो बुधवार को गम में बदल गया। स्टेडियम के बाहर करीब दो लाख प्रशंसक जुटे थे जिन पर पुलिस नियंत्रण नहीं सकी। इससे अफरा तफरी फैल गई और 11 प्रशंसकों की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक घायल हो गए। घटना इतनी भयावह थी कि बीसीसीआई तक को बयान देना पड़ा। बोर्ड ने बुधवार को मची भगदड़ के लिये तैयारियों में चूक को दोषी ठहराया, जबकि आरसीबी टीम प्रबंधन ने कहा कि क्रिकेटप्रेमियों की भावनाओं के साथ हमदर्दी रखनी चाहिए।
पेरिस में बवाल
- फोटो : Twitter
6. पीएसजी की जीत का जश्न मातम में बदला (31 मई, 2025)
पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) की यूएफा चैंपियंस लीग में खिताबी जीत के बाद मचे उत्पात में दो प्रशंसकों की मौत हो गई, जबकि एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल होने के बाद कोमा में पहुंच गया। 31 मई को देर रात खेले गए मुकाबले में पीएसजी ने इटैलियन क्लब इंटर मिलान को 5-0 से रौंद दिया। यह पीएसजी का पहला चैंपियंस लीग खिताब है और इसके बाद पेरिस में जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर आ गए। 5-0 से जीत पिछले 70 वर्षों में चैंपियंस लीग के फाइनल में किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत रही।
पेरिस में जश्न मनाने को लेकर खूब बवाल हुआ और पुलिस को मामले को शांत कराना पड़ा। इसके कई वीडियोज भी सामने आए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैंस ने पुलिस पर हमला भी किया। गाड़ियों में भी आग लगाई और जमकर बवाल काटा। राष्ट्रीय पुलिस सर्विस ने बताया कि जीत के बाद पीएसजी की स्ट्रीट पार्टी के दौरान एक 17 वर्षीय लड़के की मौत हो गई। पीएसजी के जश्न के दौरान कार से स्कूटर टकराने के बाद एक व्यक्ति की पेरिस में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) की यूएफा चैंपियंस लीग में खिताबी जीत के बाद मचे उत्पात में दो प्रशंसकों की मौत हो गई, जबकि एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल होने के बाद कोमा में पहुंच गया। 31 मई को देर रात खेले गए मुकाबले में पीएसजी ने इटैलियन क्लब इंटर मिलान को 5-0 से रौंद दिया। यह पीएसजी का पहला चैंपियंस लीग खिताब है और इसके बाद पेरिस में जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर आ गए। 5-0 से जीत पिछले 70 वर्षों में चैंपियंस लीग के फाइनल में किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत रही।
पेरिस में जश्न मनाने को लेकर खूब बवाल हुआ और पुलिस को मामले को शांत कराना पड़ा। इसके कई वीडियोज भी सामने आए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैंस ने पुलिस पर हमला भी किया। गाड़ियों में भी आग लगाई और जमकर बवाल काटा। राष्ट्रीय पुलिस सर्विस ने बताया कि जीत के बाद पीएसजी की स्ट्रीट पार्टी के दौरान एक 17 वर्षीय लड़के की मौत हो गई। पीएसजी के जश्न के दौरान कार से स्कूटर टकराने के बाद एक व्यक्ति की पेरिस में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
लिवरपूल में हादसा
- फोटो : AP media
5. लिवरपूल की जीत का जश्न मातम में बदला (26 मई, 2025)
लिवरपूल ने इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब जीता। इसका जश्न मनाने के लिए लिवरपूल के प्रशंसकों ने परेड निकाली। इस दौरान एक कार ने भीड़ को कुचल दिया। इस घटना में 27 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लिवरपूल ने 2019–20 के बाद पहली बार खिताब जीता था। जीत के जश्न विक्ट्री परेड के बाद मातम में बदल गया।
लिवरपूल ने इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब जीता। इसका जश्न मनाने के लिए लिवरपूल के प्रशंसकों ने परेड निकाली। इस दौरान एक कार ने भीड़ को कुचल दिया। इस घटना में 27 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लिवरपूल ने 2019–20 के बाद पहली बार खिताब जीता था। जीत के जश्न विक्ट्री परेड के बाद मातम में बदल गया।
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इंडोनेशिया में फुटबॉल मैच के दौरान मची भगदड़ का नजारा
- फोटो : Twitter
4. इंडोनेशिया में मातम में बदला जश्न (1 अक्तूबर, 2022)
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में ये घटना हुई। घटना के वक्त अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था। मैच में अरेमा एफसी की टीम को हार मिली। अपनी टीम को हारता देख बड़ी संख्या में प्रशंसक मैदान की तरफ भागने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे हुई भगदड़ में 125 लोगों की जान चली गई। घटना के वक्त स्टेडियम में करीब 42 हजार लोग मौजूद थे।
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में ये घटना हुई। घटना के वक्त अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था। मैच में अरेमा एफसी की टीम को हार मिली। अपनी टीम को हारता देख बड़ी संख्या में प्रशंसक मैदान की तरफ भागने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे हुई भगदड़ में 125 लोगों की जान चली गई। घटना के वक्त स्टेडियम में करीब 42 हजार लोग मौजूद थे।
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1964 में पेरू में हुई दुर्घटना
- फोटो : Twitter
3. पेरू में 1964 में गई थी 300 लोगों की जान
बात 24 मई 1964 की है। पेरू की राजधानी लिमा में पेरू और अर्जेंटीना के बीच ओलंपिक क्वॉलिफाइंग मैच चल रहा था। मैच के दौरान रेफरी के एक फैसले के बाद कम से कम दो फैन दौड़कर बीच मैदान पर पहुंच गए। मैदान में घुसने की कोशिश कर रहे प्रशंसकों पर पुलिस कार्रवाई से मैदान में मौजूद अन्य प्रशंसक नाराज हो गए और हिंसा भड़क उठी। घटना के वक्त मैदान में 53 हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई। वहीं, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए।
दरअसल, मैच के अंतिम क्षणों में पेरू की टीम को गोल करने की कोशिश को अस्वीकार कर दिया। इससे मैदान में मौजूद पेरू के समर्थक भड़क गए। प्रशंसकों ने मैदान पर धावा बोल दिया। पुलिस पर भी हमला किया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इससे बहुत से प्रशंसक निकास द्वार के रास्ते में फंस गए। जो उस वक्त बंद था। ज्यादातर मौतें दम घुटने की वजह से हुई थीं।
बात 24 मई 1964 की है। पेरू की राजधानी लिमा में पेरू और अर्जेंटीना के बीच ओलंपिक क्वॉलिफाइंग मैच चल रहा था। मैच के दौरान रेफरी के एक फैसले के बाद कम से कम दो फैन दौड़कर बीच मैदान पर पहुंच गए। मैदान में घुसने की कोशिश कर रहे प्रशंसकों पर पुलिस कार्रवाई से मैदान में मौजूद अन्य प्रशंसक नाराज हो गए और हिंसा भड़क उठी। घटना के वक्त मैदान में 53 हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई। वहीं, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए।
दरअसल, मैच के अंतिम क्षणों में पेरू की टीम को गोल करने की कोशिश को अस्वीकार कर दिया। इससे मैदान में मौजूद पेरू के समर्थक भड़क गए। प्रशंसकों ने मैदान पर धावा बोल दिया। पुलिस पर भी हमला किया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इससे बहुत से प्रशंसक निकास द्वार के रास्ते में फंस गए। जो उस वक्त बंद था। ज्यादातर मौतें दम घुटने की वजह से हुई थीं।