12 साल तक लंबी लड़ाई लड़ी, पर वे जीत न सके। जानिए बिग्रेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी की वो आखिरी ख्वाहिश, जिसे वो पूरी करना चाहते थे।
ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी ने अपने शहर में सिंथेटिक ट्रैक बनाने के लिए भी लंबी जंग लड़ी मगर अफसोस वे इसमें कामयाब न हो सके। उनकी ख्वाहिश थी कि सेक्टर सात के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में एथलीट्स के लिए एक सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने खेल अधिकारियों से लेकर एडवाइजर और गवर्नर को कई सारे पत्र लिखे। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
कुलदीप सिंह चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन में 12 साल तक प्रधान पद पर रहे। पिछले साल ही उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा था। प्रधान पद का चार्ज संभालते वे अपने ट्रैक में आ गए। फौज की तरह उन्होंने भी यहां पर एथलीटों के लिए कई नेशनल लेवल के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया। उसमें पूरे देश के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और शहर का मान बढ़ाया।
स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के पूर्व सीनियर एथलेटिक्स कोच शिव कुमार जोशी के अनुसार इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए सिंथेटिक ट्रैक का होना जरूरी होता है, जो चंडीगढ़ में एक भी नहीं है। सीनियर एथलेटिक्स कोच इकबाल सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। चांदपुरी ने सिंथेटिक ट्रैक बनवाने काफी कोशिश की। वे जानते थे कि यदि खिलाड़ियों को इंटरनेशनल स्तर की प्रैक्टिस मिले तो वे भी कमाल कर सकते हैं।
मिल्खा बोले, एथलीटों के लिए काफी काम किया
मिल्खा सिंह भी चांदपुरी के जाने से काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि यह समाचार उनके लिए काफी दुख पहुंचाने वाला है। ब्रिगेडियर चांदपुरी के अदम्य साहस के चर्चे पूरे विश्व में हैं। वे मेरे काफी करीबी दोस्त और एक भाई की तरह थे। कुलदीप सिंह से पहले एथलेटिक्स एसोसिएशन की कमान मेरे पास थी। मैंने कुलदीप सिंह चंादपुरी को एसोसिशन का प्रधान बनाया था। वह काफी एक्टिव रहते थे।