चार रूसी महिला फुटबॉल गुंडियों पर विश्व कप शुरू होने से पहले बैन लगा दिया गया है। इनमें से ट्यूला की कोर्ट ने दो गुंडियों को सभी स्पोर्टिंग इवेंट्स में हिस्सा लेने से बैन किया है। दरअसल, स्थानीय मैचों में आतिशबाजी के बाद यह फैसला लिया गया था।
29 वर्षीया कात्या सकलावाकिचयूस को एक साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन कोर्ट ने फुटबॉल में उनके द्वारा किए गए जुर्म को सार्वजनिक नहीं किया है। वहीं, डायना इवानोवा को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है क्योंकि पिछले साल अक्टूबर में उन्होंने एक फुटबॉल मैच के फाइनल में लोगों के साथ मिलकर स्टेडियम में आग लगाई थी।
यही नहीं सेनिया फ्रोलोवा और गलिना बेबेश्को को विश्व कप की शुरुआत से पहले बैन कर दिया गया। पूर्व मैक्डॉनाल्ड कर्मी इवानोवा ने दावा किया कि राष्ट्रीय समाजवाद - नाज़ीवाद - सबसे अच्छी राजनीतिक व्यवस्था है जबकि उनकी मां ने उन्हें फासीवादी बनाकर पेश किया। इवानोवा के शरीर पर 11 टैटू हैं, जिनमें से एक पर लिखा है 'लड़ाई या मौत' (फाइट और डाई)।
इवानोवा की मां लिलियाना ने कहा, 'इवानोवा अभी बड़ी हो रही है। फुटबॉल समर्थकों से अधिक कई ज्यादा वैश्विक परेशानियां हैं।' रूस की आंतरिक मंत्रालय की रोक सूची में 27 वर्षीया सेनिया फ्रोलोवा भी शामिल हैं। सेनिया का बैन अगले सप्ताह बुधवार को समाप्त होगा जब वह कानूनी तौर पर रूस के स्टेडियम में दाखिल होंगी। इवानोवा पर मैच में शराब पीकर उत्पाद करने का आरोप था और इसके बाद वह कोर्ट की सुनवाई में भी शामिल नहीं हुई थीं।
ऐसे ही गलिना बेबेश्को को एक साल के लिए बैन किया गया था। 24 वर्षीया अनसतासिया लुकोम्सकाया भी बैन लिस्ट में शामिल थीं, लेकिन पिछले महीने उनका बैन खत्म हो गया। अब वह रूस में स्टेडियम में मैच देख सकती हैं। वैसे आपको बता दें कि यह पांच महिलाएं उन 456 रूसी लोगों की लिस्ट में से हैं, जो फुटबॉल में अपराध के कारण बैन हो चुकी हैं।