14 जून से शुरू हो रहा फीफा वर्ल्ड कप का 21वां संस्करण 21 जुलाई तक रशिया में खेला जाएगा। इस बार फुटबॉल के इस वर्ल्ड कप में कुल आठ ग्रुप होंगे, जिनमें 32 टीमें हीस्सा लेंगी। बता दें कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही इसमें इस्तेमाल होने वाली गेंद पहले चर्चा में आ जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
साल 1930 से खेले जा रहे वर्ल्ड कप से लेकर अब तक फुटबॉल में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। फुटबॉल के वर्ल्ड कप में होने वाले इस परिवर्तन पर काफी ध्यान दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो इस बार वर्ल्ड कप में कोई साधारण गेंद नहीं हाईटेक फुटबॉल का इस्तेमाल किया जाएगा।
फीफा वर्ल्ड कप में इस बार इस्तेमाल होने वाली फुटबॉल में एक हाईटेक चिप लगी है। इस चिप को मोबाइल फोन से कनेक्ट कर खेल से जुड़े कई अहम आंकड़े हासिल किए जा सकते हैं। इस फुटबॉल का नाम टेलस्टार-18 बताया जा रहा है, जिसे स्पोर्ट्स जगत की जानी मानी एडिडास कंपनी ने डिजाइन किया है।
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फीफा वर्ल्ड कप 2018
- फोटो : espn fc
विशेषज्ञों की मानें तो साल 1970 और 1974 के वर्ल्ड कप में भी टेलस्टार गेंद का उपयोग हुआ था। 1970 टेलस्टार बॉल की तरह ही इस बार की गेंद को डिजाइन किया गया है। पुरानी टेलस्टार गेंद में जहां 32 पैनल वॉल थे। वहीं इस अत्याधुनिक फुटबॉल में केवल 6 पैनल है।
साल 1994 के वर्ल्ड कप के बाद पहली बार फुटबॉल को काले और सफेद रंग से डिजाइन किया गया है। फैंस को जानकार हैरानी होगी कि टेलस्टार-18 का निर्माण पाकिस्तान में हुआ है। जिसे एडिडास कंपनी के साथ काम करने वाली कंपनी फॉरवर्ड स्पोर्ट्स ने बनाया है। इस गेंद को अब तक करीब 600 से ज्यादा खिलाडि़यों ने टेस्ट किया है। इससे पहले गेंद का इस्तेमाल साल 2017 के फीफा क्लब विश्व कप के सेमीफाइनल में भी हुआ था।