धरती पर जन्म लिया और भारत को विश्वपटल पर एक नई पहचान दिलाई। आज देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस है। इस दिन को अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। सादा जीवन और उच्च विचार के बलबूते इन महान विभूतियों ने देश का मान सम्मान बढ़ाया। इन्होंने दुनिया को यह बता दिया कि अगर इंसान के अंदर आत्मविश्वास हो तो वह कुछ भी हासिल कर सकता है। आज इनकें जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर हम आपको इनके विचारों से अवगत करवाते हैं।
गांधी जयंती: जानें गांधी जी और शास्त्री जी के उत्तम विचार
लाल बहादुर शास्त्री जी के अनमोल विचार
लोगों को सच्चा लोकतंत्र या स्वराज कभी भी असत्य और हिंसा से प्राप्त नहीं हो सकता है। कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना मजबूत बनें।
यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा, लेकिन यह मेरा नीजी मामला है। राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं। वो सबका निजी मामला है। यदि कोई एक व्यक्ति को भी ऐसा रह गया जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाए तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा।
हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं। हम सभी को अपने-अपने क्षत्रों में उसी समर्पण, उसी उत्साह और उसी संकल्प के साथ काम करना होगा जो रणभूमि में एक योद्धा को प्रेरित और उत्साहित करती है।
महात्मा गांधी जी के अनमोल विचार
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है। मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।