Life Lessons From The Bhagavad Gita: हिंदू धर्म में गीता को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके जरिए व्यक्ति जीवन जीने की कला और समस्याओं का निवारण करना सीखता है। आमतौर पर बचपन से ही सभी को गीता का पाठ करने की सलाह दी जाती हैं, क्योंकि इसमें कर्म, धर्म और आत्म-ज्ञान का उल्लेख है। इसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक मौजूद हैं, जिसका प्रत्येक पन्ना व्यक्ति को नई सीख और उसकी समझ को बढ़ाता है।
Bhagavad Gita: इन गलतियों से व्यक्ति को जीवन में उठाने पड़ते हैं कष्ट, गीता में भी है इनका उल्लेख
Bhagavad Gita: हिंदू धर्म में गीता को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके जरिए व्यक्ति जीवन जीने की कला और समस्याओं का निवारण करना सीखता है।
श्लोक
"त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।
कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्॥"
- इसका अर्थ है कि कामना, क्रोध और लोभ यह तीनों ही नरक के द्वार हैं। इसलिए जीवन में हमेशा इनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
कामना
भगावन श्रीकृष्ण के मुताबिक अत्यधिक इच्छाएं व्यक्ति को गलत राह पर ले जाती हैं। कई बार कामनाए पूरी न होने के कारण मन परेशान और असंतुष्ट हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति झूठ और अधार्मिक कर्म की ओर जाने लगता है। साथ ही उसके मन में ईर्ष्या की भावना बढ़ने लगती हैं, जो उसके कष्ट का कारण बनती हैं। इसलिए जीवन में हमेशा इच्छाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए और सभी परिस्थितियों में आत्मसंयम बनाए रखें।
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क्रोध
श्रीकृष्ण के अनुसार क्रोध व्यक्ति की बुद्धि को प्रभावित करता है। अधिक क्रोध होने पर यह इंसान के विवेक को भी नष्ट कर देता है। इसके कारण मनुष्य हिंसा और अपशब्द को अपनाता है जिसकारण उसकी समस्याएं और भी बढ़ने लगती हैं। इसलिए जीवन में क्रोध करने से बचना चाहिए। यही नहीं विपरित परिस्थितियों में भी स्वयं को धैर्यवान बनाए रखें।
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लालच
लालच व्यक्ति को बुरे कर्म की ओर ले जाता है। इसके चलते वह स्वार्थी भी बनता है। श्रीकृष्ण के मुताबिक लालच न केवल तनाव बल्कि रिश्तों में दरार लेकर भी आता है। ये आदत व्यक्ति को अनैतिक कार्यों की ओर ले जाती है। इसके जरिए जितनी जल्दी इंसान धन अर्जित करता है उतनी ही तेजी से उसकी परेशानियां बढ़ती हैं, क्योंकि लालच हमेशा असंतुष्ट की भावना को बढ़ाता है। इसलिए मेहनत और अपनी लगन से प्राप्त हुई चीजों में ही स्वयं को संतुष्ट रखना चाहिए।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।