International Yoga Day 2020: 21 जून को मनाया जाता है विश्व योग दिवस, जानें कैसे हुई थी शुरूआत
योग केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने का माध्यम नहीं है। बल्कि यह एक दर्शन है, जिसका आयाम व्यापक है। इसके प्रणेता महर्षि पतंजलि हैं। योग दर्शन छह दर्शनों (षड्दर्शन) में से एक है। इस दर्शन का उद्देश्य मनुष्य को वह मार्ग दिखाना है जिस पर चलकर वह जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सके। योग के माध्यम से व्यक्ति आत्म-साक्षरता से होकर के परमात्मा से जुड़ता सकता है। मनुष्य की आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का काम योग करता है। योग के माध्यम से मनुष्य अपने मन पर नियन्त्रण रखकर जीवन में सफल हो सकता है।
21 जून को ही योग दिवस क्यों मनाया जाता है। इस सवाल का जवाब ज्योतिष विज्ञान में मिलता है। 21 जून का दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं। भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी माना जाता है। इसी कारण 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
इस बार विश्व योग दिवस पर सूर्य ग्रहण का साया रहेगा। सूर्य ग्रहण बैसाख अमावस्या तिथि पर मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है और मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव मिथुन राशि पर पड़ेगा। यह सूर्य ग्रहण सुबह 10 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे की रहेगी।