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Ganesh Chaturthi 2022: गजानन के स्वरूप से सीखें सुखी और समृद्ध जीवन जीने का रास्ता

Wed, 31 Aug 2022 06:09 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 31 Aug 2022 06:09 AM IST
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Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol Teach Us Life Full Of Success Prosperity And Happiness
Ganesh Chaturthi 2022: गणपति के स्वरूप में परिवार,सफलता, खुशी, शांति और जीवन के सुख-समृद्धि से भरे कई अहम सूत्र छिपे हुए होते हैं। - फोटो : अमर उजाला

Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol : आज से गणेश उत्सव का पर्व शुरू हो गया है। गणेशोत्सव का त्योहार 09 सितंबर तक चलेगा, जहां पर अनंत चतुर्दशी तिथि पर बप्पा का विसर्जन करते हुए अगले बरस दोबारा से आने का आग्रह भगवान गणपति से करते हुए उनके भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार भादों माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश का जन्म हुआ था। ऐसे में इस तिथि को गणेश जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। 


 
मान्यता है कि भगवान गणपति की घर में स्थापना और पूजा करने से शुभ व सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और अशुभ व विध्न दूर होते हैं। भगवान गणेश शुभता, सिद्धि, लाभ, विध्नहर्ता, वैभव और संपन्नता का प्रतीक माने जाते हैं। भगवान गणेश का स्वरूप बहुत ही आकर्षक और सिद्धि दिलाने वाले होता है। गणपति के स्वरूप में परिवार,सफलता, खुशी, शांति और जीवन के सुख-समृद्धि से भरे कई अहम सूत्र छिपे हुए होते हैं। गणेशोत्सव के अवसर पर आइए जानते हैं भगवान लंबोदर के स्वरूप में छिपे संदेश के बारे में ...

Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol Teach Us Life Full Of Success Prosperity And Happiness
lord ganesha - फोटो : istock

भगवान गणपति का स्वरूप बड़ा ही आकर्षक
सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूज्य माने जाने वाले गणेश जी की उपासना सबसे पहले की जाती है। जब भी हम कोई पूजा,अनुष्ठान या शुभ कार्य का शुभारंभ करते हैं तो सर्वप्रथम गौरी नंदन गणेशजी की उपासना जरूर करते हैं। भगवान गणेश विध्नहर्ता और सिद्धिदाता हैं। सभी भक्तों के मन में सिर्फ एक ही इच्छा होती है कि हे विघ्नहर्ता हमारे भी  बिगड़े काम बनाओ। मनमोहक से दिखने वाले गणेश जी के भव्य,आकर्षक, दिव्य स्वरूप और शारीरिक संरचना में भी जीवन के विशेष व गहरे अर्थ निहित है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव यानी ॐ कहा गया है । इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक,नीचे का भाग उदर ,चंद्रबिंदु लड्डू और मात्रा सूंड है  इनकी चार भुजाएं चारों दिशाओं में सर्वव्यापता की प्रतीक हैं । उनकी छोटी पैनी आँखें सूक्ष्म तीक्ष्ण दृष्टि की सूचक हैं।

Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol Teach Us Life Full Of Success Prosperity And Happiness
lord ganesha - फोटो : iStock

बड़ी नाक अर्थात सुंड, सदैव सचेत रहने का संकेत 
सभी देवी-देवताओं में गणेशजी को बहुत अधिक कुशाग्र बुद्धि वाला माना गया है। गजाननजी की लम्बी सूंड महाबुद्धित्व का प्रतीक है  लम्बी सूंड तीव्र सूंधने की क्षमता होती है। जिसका अर्थ है कि जो समझदार व्यक्ति है वह अपने आसपास के माहौल को पहले से ही सूंघ सकता है। गणेश जी की सूंड हमेशा हिलती-डुलती रहती है,जिसका तात्पर्य है कि मनुष्य को हमेशा सचेत रहना चाहिए। 

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Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol Teach Us Life Full Of Success Prosperity And Happiness
Lord Ganesha - फोटो : iStock
बड़ा पेट
भगवान गणेश के स्वरूप में उनका बड़ा पेट है। बड़ा उदर खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक होता है। गणेश जी का बड़ा उदर सुखपूर्वक जिंदगी जीने के लिए अच्छी और बुरी सभी बातों को पचाने का संकेत देता है। इससे ये भी सन्देश मिलता है कि मनुष्य अपने जीवन में चाहे धन अर्जित करें, मान-सम्मान कमाएं, मन में अहंकार का भाव आए उसे अपने अंदर रखकर किसी भी बात का निर्णय बड़ी सूझबूझ के साथ लेना चाहिए। इससे व्यक्ति जीवन में सफलता और समृद्धि को प्राप्त कर सकते हैं।
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Ganesh Chaturthi 2022 The Nature Of Lord Ganesha Idol Teach Us Life Full Of Success Prosperity And Happiness
Lord Ganesha - फोटो : iStock
बड़े कान,सुनो सबकी का संदेश
किसी भी क्षेत्र में ज्ञान और सफलता पाने के लिए सबसे पहले विषय को सुनना और समझना जरूरी होता है फिर इसके बाद बोलना। गणेश जी का एक नाम 'गजकर्ण 'भी है। लंबे कान व्यक्ति को भाग्यशाली और दीर्घायु बनाते हैं। गणेश जी के कान सूप की तरह हैं और सूप का स्वभाव है कि वह अच्छी और भारी चीज को ग्रहण कर लेता है और कूड़ा करकट को उड़ा देता है । इससे यह सन्देश मिलता है कि मनुष्य को सुननी सबकी चाहिए ,लेकिन अपने बुद्धि विवेक से ही कोई निर्णय करना चाहिए।
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