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करवा चौथ पर पर पति-पत्नी जरूर लें ये संकल्प , प्रेम और विश्वास से मजबूत बनेगा वैवाहिक जीवन
Tue, 27 Oct 2026 02:05 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 27 Oct 2026 02:05 PM IST
सार
करवा चौथ का व्रत पर्व पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, निष्ठा और समर्पण की भावना का उत्सव है। यह पर्व पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का आदर करने का होता है।
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Karwa Chauth 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
विस्तार
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, निष्ठा और समर्पण की भावना का उत्सव है। इस दिन स्त्रियां सूर्योदय से लेकर चंद्रमा के दर्शन तक बिना जल और अन्न ग्रहण किए व्रत रखती हैं और भगवान शिव, माता पार्वती, स्वामी कार्तिकेय तथा श्रीगणेश की आराधना कर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं। इस दिन पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति अपने दायित्वों को याद करते हुए संकल्प लेते हैं कि वे जीवनभर हर परिस्थिति में साथ निभाएंगे। पत्नी जहां त्याग और श्रद्धा के साथ पति की लंबी उम्र की कामना करती है, वहीं पति को भी चाहिए कि वह यह प्रण ले कि वह पत्नी का सम्मान करेगा, उसके सुख-दुख में सहभागी बनेगा और उसे सदैव प्रेम और सहयोग देगा।
1. संकल्प हो सम्मान का
हर रिश्ते की नींव आपसी सम्मान पर टिकी होती है। पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का आदर करेंगे तो रिश्ते में कभी दरार नहीं आएगी। करवा चौथ पर यह प्रण लें कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, एक-दूसरे की गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचाएंगे।
2. साथ में समय बिताना
भागदौड़ और व्यस्तताओं से भरे जीवन में रिश्तों के लिए समय निकालना आसान नहीं होता, लेकिन प्रेम और अपनापन तभी गहरा होता है जब पति-पत्नी एक-दूजे के साथ कुछ खास पल साझा करें। इसलिए यह आवश्यक है कि रोज़मर्रा की जिम्मेदारियों के बीच से थोड़ा समय केवल एक-दूसरे के लिए सुरक्षित रखा जाए, ताकि संबंधों में ताजगी और निकटता बनी रहे।
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3. ईमानदारी और विश्वास
रिश्तों की नींव सच और भरोसे पर ही टिकती है। जहां झूठ या छुपाव होता है, वहां दरारें आना तय है। इस पवित्र दिन पर पति-पत्नी को यह वचन लेना चाहिए कि वे हर हाल में एक-दूसरे के प्रति सच्चे रहेंगे। जीवन के छोटे-बड़े हर फैसले में पारदर्शिता और आपसी विश्वास को महत्व देंगे। जब भरोसा गहरा होता है, तो कोई भी गलतफहमी रिश्ते को डगमगा नहीं सकती।
4. सकारात्मक दृष्टिकोण
जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं, लेकिन उन्हें किस दृष्टिकोण से लिया जाता है, यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। वादा करें कि किसी भी परिस्थिति में नकारात्मक सोच को हावी नहीं होने देंगे। हर चुनौती का सामना मिलकर करेंगे और समस्या का समाधान सकारात्मक ढंग से खोजेंगे।
5. सपनों को साकार करें
पति-पत्नी के अपने-अपने सपने और लक्ष्य होते हैं। रिश्ते की खूबसूरती तब और बढ़ती है जब वे एक-दूसरे की आकांक्षाओं को समझें और उन्हें पूरा करने में सहयोग करें। जब जीवनसाथी आपके प्रयासों को सम्मान और समर्थन के साथ देखता है, तो साथ का अनुभव और भी सुखमय और प्रेरणादायक बन जाता है।
6. धैर्य और समझदारी
कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर तकरार बढ़ जाती है। ऐसे में धैर्य सबसे बड़ी कुंजी है। अपने जीवन में यह नियम ही बना लें कि क्रोध और आवेश में आकर कोई निर्णय नहीं लेंगे, बल्कि हर स्थिति को समझदारी और धैर्य के साथ संभालेंगे। यह गुण रिश्ते को स्थायी मजबूती देता है।
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1. संकल्प हो सम्मान का
हर रिश्ते की नींव आपसी सम्मान पर टिकी होती है। पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का आदर करेंगे तो रिश्ते में कभी दरार नहीं आएगी। करवा चौथ पर यह प्रण लें कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, एक-दूसरे की गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचाएंगे।
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2. साथ में समय बिताना
भागदौड़ और व्यस्तताओं से भरे जीवन में रिश्तों के लिए समय निकालना आसान नहीं होता, लेकिन प्रेम और अपनापन तभी गहरा होता है जब पति-पत्नी एक-दूजे के साथ कुछ खास पल साझा करें। इसलिए यह आवश्यक है कि रोज़मर्रा की जिम्मेदारियों के बीच से थोड़ा समय केवल एक-दूसरे के लिए सुरक्षित रखा जाए, ताकि संबंधों में ताजगी और निकटता बनी रहे।
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3. ईमानदारी और विश्वास
रिश्तों की नींव सच और भरोसे पर ही टिकती है। जहां झूठ या छुपाव होता है, वहां दरारें आना तय है। इस पवित्र दिन पर पति-पत्नी को यह वचन लेना चाहिए कि वे हर हाल में एक-दूसरे के प्रति सच्चे रहेंगे। जीवन के छोटे-बड़े हर फैसले में पारदर्शिता और आपसी विश्वास को महत्व देंगे। जब भरोसा गहरा होता है, तो कोई भी गलतफहमी रिश्ते को डगमगा नहीं सकती।
4. सकारात्मक दृष्टिकोण
जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं, लेकिन उन्हें किस दृष्टिकोण से लिया जाता है, यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। वादा करें कि किसी भी परिस्थिति में नकारात्मक सोच को हावी नहीं होने देंगे। हर चुनौती का सामना मिलकर करेंगे और समस्या का समाधान सकारात्मक ढंग से खोजेंगे।
5. सपनों को साकार करें
पति-पत्नी के अपने-अपने सपने और लक्ष्य होते हैं। रिश्ते की खूबसूरती तब और बढ़ती है जब वे एक-दूसरे की आकांक्षाओं को समझें और उन्हें पूरा करने में सहयोग करें। जब जीवनसाथी आपके प्रयासों को सम्मान और समर्थन के साथ देखता है, तो साथ का अनुभव और भी सुखमय और प्रेरणादायक बन जाता है।
6. धैर्य और समझदारी
कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर तकरार बढ़ जाती है। ऐसे में धैर्य सबसे बड़ी कुंजी है। अपने जीवन में यह नियम ही बना लें कि क्रोध और आवेश में आकर कोई निर्णय नहीं लेंगे, बल्कि हर स्थिति को समझदारी और धैर्य के साथ संभालेंगे। यह गुण रिश्ते को स्थायी मजबूती देता है।