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Chanakya Niti in Hindi: इन चार चीजों से बढ़कर दुनिया में और कुछ नहीं

Wed, 17 Feb 2021 06:43 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 17 Feb 2021 06:43 AM IST
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Chanakya Niti in Hindi these 4 thigns are ahead of all according to Chanakya Niti
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media

आचार्य चाणक्य एक महान विद्वान थे। उन्होंने चाणक्य नीति शास्त्र में अपने अनुभवों और विचारों को नीतियों के रूप में संकलित किया है। यदि मनुष्य चाणक्य नीतियों का पालन अपने वास्तविक जीवन पर कर ले तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। इसमें न केवल व्यक्ति बल्कि समाज कल्याण के लिए बहुमूल्य बातें हैं। चाणक्य नीति के एक श्लोक में आचार्य चाणक्य ने चार चीजों को सबसे श्रेष्ठ माना है। ये श्लोक इस प्रकार है - 


 

नात्रोदक समं दानं न तिथि द्वादशी समा।
न गायत्र्या: परो मंत्रो न मातुदेवतं परम्।।

Chanakya Niti in Hindi these 4 thigns are ahead of all according to Chanakya Niti
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

अन्नदान
इस श्लोक में चाणक्य कहते हैं कि अन्न जल से बड़ा कोई दूसरा दान नहीं है। चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति भूखे को खाना खिलाता है, प्यासे को पानी पिलाता है वह पुण्य आत्मा है। ऐसे व्यक्ति पर सदैव ईश्वरीय कृपा बनी रहती है। शरीर धर्म का पालन अन्न से है। देवतागण भी अन्न का भोग लगाकर प्रसन्न होते हैं। इस कारण लोगों को समय-समय पर अन्न का दान अवश्य ही करना चाहिए।

Chanakya Niti in Hindi these 4 thigns are ahead of all according to Chanakya Niti
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
द्वादशी तिथि

इसी प्रकार चाणक्य नीति के श्लोक में दूसरी चीज जो परम है वह द्वादशी तिथि है। दरअसल द्वादशी तिथि के दिन ही एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। चाणक्य के अनुसार तिथियों में द्वादशी के समान दूसरी कोई तिथि नहीं है। इस दिन एकादशी व्रत का पारण करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जातक को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।

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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
गायत्री मंत्र
वहीं चाणक्य ने मंत्रों में गायत्री मंत्र को सबसे श्रेष्ठ मंत्र बताया है। इस मंत्र के समान दूसरा और कोई मंत्र नहीं है। धार्मिक मान्यता है कि मां गायत्री चारों वेदों की जननी हैं। हिन्दू धर्म के चारों वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद अथर्वेद और सामवेद की उत्पत्ति मां गायत्री से हुई है।
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Chanakya Niti in Hindi these 4 thigns are ahead of all according to Chanakya Niti
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
माता
आचार्य चाणक्य ने माता को दुनिया को चौथी सबसे कीमती माना है। चाणक्य के अनुसार, मां के समान कोई नहीं है। स्वयं भगवान राम ने माता को स्वर्ग से भी महान बताया था। मां की सेवा करना एक बालक का परम धर्म होना चाहिए। मां का भूल से भी अनादर नहीं करना चाहिए।
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