ज्योतिष में जातक के जन्म समय के अनुसार ग्रह नक्षत्रों की स्थित का आकलन किया जाता है और उसी के मुताबिक शुभ-अशुभ पर विचार किया जाता है। ज्योतिष में कुल मिलाकर 27 नक्षत्र बताए गए हैं। अन्य ग्रहों की तरह चंद्रमा भी परिक्रमा करता है और इस दौरान जिन 27 सितारों के समूह के बीच से चंद्रमा गुजरता है, वही अलग अलग 27 नक्षत्र के नाम से जाने जाते हैं। जब किसी का जन्म होता है तो उस समय चंद्रमा जिस तारा समूह से होकर गुजरता है, वहीं उस जातक का जन्म नक्षत्र माना जाता है। इन नक्षत्रों के अलग-अलग फल और अलग-अलग स्वभाव बताए गए हैं। इन नक्षत्रों में से कुछ कोमल, कुछ कठोर और कुछ उग्र होते हैं। इन्हीं जन्म नक्षत्रों के आधार पर जातक के भविष्य के बारे में बताया जाता है। उग्र और तीक्ष्ण स्वभाव वाले नक्षत्रों को मूल नक्षत्र, सतईसा या गंडात कहा जाता है। आइए जानते हैं कि कौन से होते हैं मूल नक्षत्र और इस नक्षत्र में जन्में लोगों का कैसा होता है स्वभाव व भविष्य।
जानिए क्या होता है मूल नक्षत्र, कैसे होते हैं इस नक्षत्र में जन्में जातक
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:41 PM IST
सार
ज्योतिष में कुल मिलाकर 27 नक्षत्र बताए गए हैं। हर ग्रह की तरह चंद्रमा भी परिक्रमा करता है और इस दौरान जिन 27 सितारों के समूह के बीच से चंद्रमा गुजरता है वही अलग अलग 27 नक्षत्र के नाम से जाने जाते हैं।
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