रावण अत्यंत ज्ञानी और प्रकांड पंडित था। उसके बराबर ज्ञानी इस पृथ्वी पर कोई दूसरा नहीं था। रावण ही एकमात्र ऐसा विद्वान और ज्ञानी था जिसमें त्रिकाल दर्शन की क्षमता थी। लेकिन अपने अंहकारवश होकर जब रावण ने छल से माता सीता का हरण कर लिया, तब प्रभु श्री राम ने अपनी सेना के साथ लंका पर आक्रमण कर दिया। राम जी से युद्ध में पराजय के बाद जब रण भूमि में रावण मरणासन्न अवस्था में था, तब प्रभु श्रीराम ने अपने अनुज लक्ष्मण को आज्ञा दी कि वह रावण के पास जाकर जीवन की कुछ बहुमूल्य सीख लें। क्योंकि राम जी स्वयं ये जानते थे कि रावण बहुत ज्ञानी और प्रकांड पंडित है। राम जी ने स्वयं रावण के ज्ञान की प्रशंसा की थी। राम जी की आज्ञानुसार लक्ष्मण दशानन से ज्ञान लिया, तब मरणा सन्न अवस्था में रावण ने अपने जीवन के अनुसार लक्ष्मण को महत्पूर्ण सीख दी जो आज के जीवन में भी सार्थक लगती है। 25 अक्टूबर को दशहरे के उपलक्ष्य में जानते हैं कौन सी है वे तीन महत्वपूर्ण बातें जो रावण ने लक्ष्मण को बताई...
Vijayadashmi 2020: जब लक्ष्मण ने लिया दशानन से ज्ञान, जानिए वो तीन बहुमूल्य बातें जो रावण ने लक्ष्मण को बताई
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Sat, 10 Oct 2020 02:00 PM IST
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