आचार्य चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। उन्होंने ने ही अपनी सूझबूझ और कुशल रणनीति के बल पर चंद्रगुप्त को एक शासक के रूप में स्थापित होने में मदद की। आचार्य चाणक्य राजनीति और कूटनीति में कुशल थे। विषय परिस्थितियों में भी उन्होंने पराजय स्वीकार नहीं की और अपने शत्रु का नाश करके लक्ष्य को हासिल किया। यही कारण था कि उन्हें जीवन की हर परिस्थिति का भी बहुत अच्छा अनुभव था। उन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर मनुष्य के जीवन को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण बातें नीति शास्त्र में लिखी हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में तीन ऐसी बातों के बारे में जिक्र किया है, जिन्हें ध्यान में रखकर मनुष्य संकट और बुरा वक्त आने पर भी उसका समाना कर लेता है। बुरा वक्त आने पर इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
चाणक्य नीति: बुरे वक्त में याद रखें ये तीन बातें, बड़ी से बड़ी समस्या का भी होगा समाधान
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 05 Mar 2021 02:22 PM IST
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