Surya Grahan June 2021: ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर आज सूर्यग्रहण लगा है, जो अब समाप्त होने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह सूर्यग्रहण वृष राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगा है। यह इस साल का पहला सूर्यग्रहण था जो भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 01:42 बजे से शुरू हुआ था और शाम 06:41 बजे समाप्त होगा। इस सूर्यग्रहण को उत्तर-पूर्व अमेरिका, यूरोप, उत्तरी एशिया और उत्तरी अटलांटिक महासागर में देखा गया। इस सूर्यग्रहण को खंडग्रास, रिंग ऑफ फायर और वलयाकार सूर्य ग्रहण भी कहा जा रहा है। भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं था। मान्यता के अनुसार, ग्रहणकाल एक अशुभ समय होता है। इस कारण ग्रहण की अवधि में कई कार्यों को करने की मनाही होती है। ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं, पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं। ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से ग्रहण का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है। ग्रहण के समाप्त होने पर आपको ये उपाय जरूर करने चाहिए।
Surya Grahan 2021: सूर्यग्रहण होने वाला है समाप्त, ग्रहण के बाद जरूर करें ये काम, अशुभ प्रभाव होंगे दूर
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सूर्यग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें अथवा ग्रहण के प्रभावों से बचने के लिए सूर्य ग्रह के बीज मंत्र का जप करना चाहिए। इससे आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा। सूर्य ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। सूर्य ग्रह का बीज मंत्र - ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
ग्रहण समाप्ति के तुरंत बाद गंगा जल से स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से ग्रहण के बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। स्नान करने के बाद साफ-सुधरे कपड़े पहनें उसके बाद ही कोई अन्य कार्य करें। ग्रहण समाप्ति के बाद पवित्र तीर्थस्थलों पर पवित्र नदी में डुबकी लगाई जाती है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। घर के मंदिर में मूर्तियों पर भी गंगा जल छिड़कें। घर की साफ-सफाई करें, पोछा लगाएं। इस प्रकार आपके घर से ग्रहण की काली छाया दूर हो जाएगी।
ग्रहण खत्म होने पर पूजा-पाठ करें। घर के मंदिर में दीप जलाकर ईश्वर का ध्यान लगाएं। यदि आसपास मंदिर है तो वहां जाकर भी पूजा करें और गरीब लोगों को दान-दक्षिणा दें। मान्यता यह भी है कि ग्रहण खत्म होने पर गाय को रोटी खिलाने से अच्छा फल प्राप्त होता है।