Durga Ashtami Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है। इन नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देवी के नौ रूपों का अलग-अलग पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है,जो भक्तों को सुख-सौभाग्य और शौर्य प्रदान करती हैं। नौ देवियों की कृपा से अलग-अलग तरह के मनोरथ सिद्ध होते हैं। नौ दिन तक चलने वाली चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग अलग रूपों की पूजा कर भक्त माता को प्रसन्न करते हैं। कहते हैं मां दुर्गा भक्तों के दुख को दूर कर देती हैं। ऐसे में नवरात्रि में भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और शाम को उनकी आरती करके उन्हें भोग लगाते हैं। चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन रामनवमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। नवमी से ठीक एक दिन पहले दुर्गा अष्टमी मनाते हैं। नवरात्रि में भक्तों के बीच राम नवमी व दुर्गा अष्टमी की तिथि को लेकर असमंजस रहता है। आइए जानते हैं दुर्गाअष्टमी पर बनने वाला शुभ योग और पूजा का सही समय
Durga Ashtami 2022: आज दुर्गा अष्टमी पर बन रहा है सुकर्मा योग, जानिए इसका महत्व और पूजा करने का उत्तम समय
इस बार दुर्गा अष्टमी पर है शुभ योग
अष्टमी 10 अप्रैल रविवार को रात्रि 01:23 मिनट तक रहेगी। वहीं 9 अप्रैल, प्रातः 11: 25 मिनट पर सुकर्मा योग लग जाएगा। यह योग ज्योतिष शास्त्र में शुभ योगों में गिना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है। सुकर्मा योग में किसी नौकरी में पद ग्रहण करना व मांगलिक कार्य करना बेहद उत्तम रहता है।
दुर्गा अष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:32 से 05:17 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त- प्रातः11:57 से दोपहर 12:48 मिनट तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:30 से 03:20 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त- सायं 06:31 से सायं 06:55 मिनट तक।
शुभ योग
अमृत काल- 10 अप्रैल, रविवार 01:50 ए एम से 03:37 ए एम तक
रवि योग- 10 अप्रैल, रविवार 04:31 ए एम से 06:01 ए एम तक
दुर्गाअष्टमी का महत्व
अष्टमी तिथि पर विधि-विधान से पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा से सुख, समृद्धि, यश, कीर्ति, विजय, आरोग्यता प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा पूजा करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती। यह तिथि परम कल्याणकारी और दुखों का नाश करने वाली है।