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Sheetala Ashtami 2022: शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग? जानिए इसका महत्व

Fri, 25 Mar 2022 10:10 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 25 Mar 2022 10:10 AM IST
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Sheetala Ashtami 2022 Why stale food offered to Mata Sheetla Know its importance
शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग - फोटो : Twitter

 हिन्दू धर्म में हर महीने कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं। साथ ही सभी देवी-देवताओं के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म में पड़ने वाले सभी व्रत और त्योहारों का अलग-अलग महत्व होता है। दो दिन बाद शीतला अष्टमी का पावन पर्व मनाया जाने वाला है। ये पर्व प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। शीतला अष्टमी को बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। बसौड़ा शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार ये त्योहार चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। जो कि होली के आठवें दिन पड़ता है। इस दिन शीतला माता को ठंडा यानी बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों इस दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और इसके पीछे की मान्यता क्या है... 

Sheetala Ashtami 2022 Why stale food offered to Mata Sheetla Know its importance
शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग - फोटो : iStock

मान्यताओं के अनुसार, शीतला अष्टमी व्रत के दौरान घर में ताजा भोजन नहीं पकाया जाता बल्कि एक दिन पहले बनाए गए भोजन को ही प्रसाद के रूप में खाया जाता है। इस परंपरा के पीछे सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। 

Sheetala Ashtami 2022 Why stale food offered to Mata Sheetla Know its importance
शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग - फोटो : iStock
क्यों लगाते हैं बासी भोजन का भोग?

मान्यता है कि शीतला माता को बासी भोजन काफी प्रिय है। शीतला अष्टमी के दिन लोग बासी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। कहा जाता है कि अष्टमी के दिन के घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता है और उस दिन रात में बने भोजन को ही ग्रहण करने का रिवाज है।

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Sheetala Ashtami 2022 Why stale food offered to Mata Sheetla Know its importance
शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग - फोटो : iStock

वहीं वैज्ञानिक कारण की बात करें तो चैत्र माह की सप्तमी और अष्टमी तिथि ऋतुओं के संधिकाल पर आती है। यानी शीत ऋतु के जाने का और ग्रीष्म ऋतु के आने का समय है। इन दो ऋतुओं के संधिकाल में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सर्दी और गर्मी की वजह से कई तरह की मौसमी बीमारियों के होने का खतरा रहता है। इसलिए ठंडा खाना खाने की परंपरा बनाई गई है। 

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Sheetala Ashtami 2022 Why stale food offered to Mata Sheetla Know its importance
शीतला अष्टमी पर क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग - फोटो : iStock

जो लोग शीतला अष्टमी पर ठंडा खाना खाते हैं, वो लोग ऋतुओं के संधिकाल में होने वाली बीमारियों से बचे रहते हैं। साथ ही साल में एक दिन सर्दी और गर्मी के संधिकाल में ठंडा भोजन करने से पेट और पाचन तंत्र को भी लाभ मिलता है।

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