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Shattila Ekadashi 2020: षटतिला एकादशी आज, इस एक चीज के दान से समाप्त होंगे समस्त पाप
Mon, 20 Jan 2020 03:06 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 20 Jan 2020 03:06 PM IST
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Shattila Ekadashi
- फोटो : social media
हर साल माघ के महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन दान पुण्य का काफी महत्व होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पुजा की जाती है। आइए, अगली स्लाइड्स में जानते हैं व्रत विधि और व्रत से जुड़ी खास बातें....
Shattila Ekadashi
व्रत विधि
- प्रात: जल्दी उठकर नित्य कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करें।
- स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पुजा करें और उन्हें पुष्प अर्पित करें।
- एकादशी के व्रत के बाद भगवान विष्णु को भोग लगाएं और फिर प्रसाद स्वरूप सभी में बांट दें।
Shattila Ekadashi
- फोटो : Social Media
व्रत महत्व
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार षटतिला एकादशी का व्रत रखने से समस्त पाप धुल जाते हैं और भगवान विष्णु का आर्शिवाद मिलता है।
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Shattila Ekadashi
दान का महत्व
- इस दिन तिल के दान का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तिल से बनी चीजों का दान करने से समस्त पापों से छुटकारा मिलता है और पुण्य की प्राप्ती होती है।
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Shattila Ekadashi
इस दिन तिल का उपयोग कहीं और प्रकार से भी किया जाता है। आइए जानते हैं इस दिन कैसे होता है तिल का प्रयोग....
- एकादशी तिथि पर तिल से स्नान किया जाता है।
इस दिन नहाने के पानी में तिल ड़ालकर स्नान किया जाता है।
- तिल से हवन किया जाता है।
एकादशी के दिन जो लोग हवन करते हैं वो तिल का उपयोग अवश्य ही करते हैं।