नवरात्रि की शुरूआत जहां कलश स्थापना के साथ होती है तो वहीं इसका अंत कन्या पूजन के साथ होता है। कन्या पूजन अष्टमी या नवमी तिथि के दिन किया जाता है। कहते हैं माता रानी कन्या के रूप में आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इसलिए नवरात्रि में नौ कन्याओं को पूजा जाता है। ये नौ कन्याएं मां दुर्गा के नौ रूपों के प्रतीक को दर्शाती हैं। घर कन्याओं को आदर सत्कार के साथ बुलाया जाता है और सामर्थ्य के अनुसार उनकी सेवा और उन्हें दान के रूप में कुछ न कुछ उपहार दिया जाता है। नवरात्रि में कन्याओं को इन छह चीजों का दान अवश्य करना चाहिए।
Shardiya Navratri 2020: कन्या पूजन में कन्याओं को जरूर करें ये 6 चीजें दान
लाल वस्त्र
नवरात्रि में होने वाली पूजा में मां को लाल वस्त्र चढ़ाया जाता है। क्योंकि यह रंग मैया रानी प्रिय होता है। इसलिए कन्या पूजन में उपहार के रूप में कन्याओं को लाल रंग के वस्त्र जरूर भेंट करें। लाल रंग का यह वस्त्र चुनरी या रुमाल आदि के रूप में हो सकता है। लाल रंग वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके दान से आपकी कुंडली में मंगल ग्रह भी मजबूत होता है।
फल
कन्या भोज में कन्याओं को फल जरूर देना चाहिए। मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि कन्या पूजन में कन्याओं को फल देने से कई गुना फलों की प्राप्ति होती है। माता रानी भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि केला का फल विष्णु जी को प्रिय है और श्रीफल लक्ष्मीजी का प्रिय फल माना जाता है। इन दोनों को दान करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
मिठाई
कन्याभोज को करने के लिए आपको कम से कम एक मिठाई भी शामिल करनी चाहिए। अगर किसी वजह से आप मिष्ठान शामिल न कर सकें तो घर में साफ-सुथरे ढंग से बनाया हुआ सूजी या फिर आटे का हलवा भी माता का भोग लगाकर कन्याओं को खिला सकते हैं। ऐसा करने से आपके गुरु ग्रह की मजबूती बढ़ती है और मां भगवती भी आपसे प्रसन्न होती हैं।
शृंगार
नवरात्र में कन्या भोज कराने के बाद भेंट में कन्याओं को शृंगार की सामग्री भी उपहार में दे सकते हैं। यह शृंगार सामग्री पहले माता को अर्पित करनी चाहिए और उसके बाद छोटी-छोटी कन्याओं में बांट देनी चाहिए। मान्यता है कि कन्याओं द्वारा ग्रहण की गई शृंगार सामग्री सीधे माता द्वारा स्वीकार कर ली जाती है।