Shani Jayanti Importance: हिंदू पंचांग के अनुसार शनि जयंती का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। यह दिन न्याय के देवता शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि शनि जयंती पर व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की कठिनाइयों में कमी आती है तथा ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं। इस अवसर पर भक्त अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
Shani Jayanti: सरसों तेल, काले तिल और दीपक के बिना अधूरी मानी जाती है पूजा, जानें इन चीजों का महत्व
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shweta Singh
Updated Fri, 15 May 2026 12:58 AM IST
सार
शनि जयंती पर सरसों तेल, काले तिल और दीपक का विशेष महत्व माना जाता है। ये उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर शनि देव की कृपा, शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त करने में सहायक माने जाते हैं।
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