आज एकदन्त सकष्टी चतुर्थी है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भक्तगण सुख, शांति और समृद्धि के लिए एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी भगवान गणेश जी की पूजा-आराधना करते हैं। आइए जानते हैं एकदन्त संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त और व्रत विधि क्या है।
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Sankashti Chaturthi 2021: एकदन्त संकष्टी चतुर्थी आज, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और लाभ
Sat, 29 May 2021 07:28 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sat, 29 May 2021 07:28 AM IST
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एकदन्त संकष्टी चतुर्थी 2021: ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
- फोटो : Pixabay
गणेश चतुर्थी 2021
- फोटो : Pixabay
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - मई 29, 2021 को सुबह 06:33 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - मई 30, 2021 को सुबह 04:03 बजे
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - मई 29, 2021 को सुबह 06:33 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - मई 30, 2021 को सुबह 04:03 बजे
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - रात 10:25 बजे
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी 2021
- फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
- सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें।
- इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए।
- पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
- स्वच्छ आसन या चौकी पर भगवान को विराजित करें।
- भगवान की प्रतिमा या चित्र के आगे धूप-दीप प्रज्जवलित करें।
- ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का जाप करें।
- पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
- शाम को व्रत कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें।
- अपना व्रत पूरा करने के बाद दान करें।
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एकदन्त संकष्टी चतुर्थी 2021
- फोटो : Pixabay
इस मंत्र के जाप से व्रती को सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।
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एकदन्त संकष्टी चतुर्थी 2021: भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
भगवान गणेश को बहुत पसंद हैं मोदक
धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद हैं। एकदन्त संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से प्रभु जल्दी प्रसन्न होते हैं।