Sakat Chauth Shubh Muhurt 2023: हिंदू धर्म में सभी चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। साल में 24 चतुर्थी आती हैं। हर चतुर्थी तिथी का अपना महत्व है। सकट चौथ का शास्त्रों में विशेष महत्व है। माघ माह क कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं, भगवान गणेश उनकी सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस चतुर्थी को तिलकुटा चौथ, संकटा चौथ, संकष्टी चतुर्थी, माघी चतुर्थी भी कहा जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि ये व्रत स्त्रियां संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। वहीं इस बार सकट चौथ का पर्व 10 जनवरी 2023, मंगलवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं सकट चौथ का शुभ मुहूर्त, तिथि और पूजा-विधि।
Sakat Chauth 2023: कब है सकट चौथ? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा- विधि
सकट चौथ तिथि और शुभ मुहूर्त
माघ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ: 10 जनवरी 2023, मंगलवार, दोपहर 12:08 मिनट पर
माघ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त: 11 जनवरी 2023, बुधवार, दोपहर 02:32 मिनट पर
उदया तिथि के अनुसार, सकट चौथ का व्रत 10 जनवरी, मंगलवार को रखा जाएगा।
सकट चौथ व्रत का महत्व
महिलाएं सकट चौथ का उपवास रखकर संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती हैं। सकट चौथ पर गणेशजी के साथ माता सकट की भी पूजा की जाती है। सकट चौथ का व्रत रखने से भगवान श्रीगणेश प्रसन्न होकर सभी संकटों से रक्षा करते हैं। शास्त्रों में माघ माह की चतुर्थी का सबसे अधिक महत्व बताया गया है। क्योंकि इस दिन भगवान गणेश ने भगवान शिव व माता पार्वती की परिक्रमा की थी। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। जो लोग सकट चौथ के दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें।
- गणेश जी के साथ मां लक्ष्मी की मूर्ति भी रखें।
- गणेश जी और मां लक्ष्मी को रोली और अक्षत लगाएं।
- अब पुष्प, दूर्वा, मोदक आदि अर्पित करें।
- सकट चौथ में तिल का विशेष महत्व है। इसलिए भगवान गणेश को तिल के लड्डुओं का भोग लगाएं।
- ॐ गं गणपतये नम: मंत्र का जाप करें।
- अंत में सकट चौथ व्रत की कथा सुनें और आरती करें।
- रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर सकट चौथ व्रत संपन्न करें।