फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भगवान राम ने समुद्र पार बांध बनाया आज भी गवाही देती हैं ये निशानियां

Fri, 10 Jun 2016 02:46 PM IST
आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री
आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री Updated Fri, 10 Jun 2016 02:46 PM IST
विज्ञापन
rameshwaram and setuband yatra
रामेश्‍वरम

सीता की खोज में जब समुद्र ने मार्ग नहीं दिया तो राम ने अपने तरकस  से बाण निकाल लिया। फिर सागर ने प्रकट होकर क्षमा मांगी और कहा कि वह तो प्रकृति के नियम से आबद्ध है, लेकिन विश्वकर्मा के दो पुत्र नल और नील सेतु का निर्माण कर सकते हैं। उनके हाथों से पत्थर डूबेंगे नहीं।

भगवान राम ने समुद्र पार बांध बनाया आज भी गवाही देते हैं ये न‌िशान‌ियां

rameshwaram and setuband yatra
रामेश्‍वरम

रामायण में लिखा है कि पांच दिन में सौ योजन लंबा और दस योजन चौड़ा सेतु वानर सेना ने तैयार कर दिया। भगवान राम शिव को भजते थे, तो आक्रमण से पहले इष्ट का पूजन अर्चन भी आवश्यक था। इसल‌िए एक कालजयी विग्रह स्थापित हुआ, जिसे श्री रामेश्वरम् के नाम से जानते हैं।

भगवान राम ने समुद्र पार बांध बनाया आज भी गवाही देते हैं ये न‌िशान‌ियां

rameshwaram and setuband yatra
रामेश्‍वरम

द्वादश ज्योतिर्लिंगों मे से एक रामेश्वरम् दक्षिण भारत में काशी विश्वनाथ के समान पूज्य है। भगवान् श्रीराम ने वहां श्रीरामेश्वरम् की स्थापना की और विधिवत् पूजन किया। ज्योतिर्लिंग स्तवन में कहा जाता है कि सेतुबंधे तु रामेश्वरम अर्थात् सेतबंध पर भगवान् श्री राम के जरिए स्थापित रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग है। यह ज्योतिर्लिंग मंदिर एक हजार फुट लंबा, 650 फुट चौड़ा और 125 फुट ऊंचा है। यहां गंगोत्री से लाए गंगाजल से अभिषेक करने से पाप शांत होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

भगवान राम ने समुद्र पार बांध बनाया आज भी गवाही देते हैं ये न‌िशान‌ियां

rameshwaram and setuband yatra
रामेश्‍वरम

रामेश्वरम् से लगभग पांच किलोमीटर उत्तरपूर्व में गंधमादन पर्वत है, जिसपर चढ़कर हनुमान ने समुद्र पार किया था। प्रकृति की गोद में यहां चौबीस कूप बने हैं, जिनमें सभी तीर्थों का जल है। इन कूपों के जल में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

विज्ञापन

भगवान राम ने समुद्र पार बांध बनाया आज भी गवाही देते हैं ये न‌िशान‌ियां

rameshwaram and setuband yatra
रामेश्‍वरम
तीर्थ के दक्षिण की ओर धनुषकोटि तीर्थ है, कहा जाता है कि वहां श्रीराम ने धनुष टंकार किया था। यहां समुद्र सदैव शांत रहता है। एक बार इस क्षेत्र में आएंगे तो बार बार वहां आने को मन होगा। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed