Pitru Paksha 2024 Tulsi Ke Upay In Hindi: हर साल पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण आदि किया जाता है। पितृ पक्ष में पितरों की पूजा अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पितर धरती लोक पर आते हैं और अपने परिवार जनों को आशीर्वाद देते हैं। इस दौरान लोग अपने पितरों की संतुष्टि के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म के कार्य करते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है और आश्विन अमावस्या पर इसके समापन होता है।
Pitru Paksha 2024: पितृ पक्ष में इस तरह करें तुलसी के उपाय, श्राद्ध कर्म का मिलेगा पूरा फल
धार्मिक ग्रंथों में तुलसी को सबसे अधिक पवित्र माना गया है। अधिकतर आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में पवित्रता बनाए रखने के लिए तुलसी दल का प्रयोग किया जाता हैं। श्राद्ध पक्ष के दिनों में भी पितरों के लिए भोजन, ग्रास और पूजा पाठ आदि को पवित्र रखने के लिए तुलसी दल का इस्तेमाल किया जाता है।
पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म, तर्पण, कर्मकांड, पिंडदान आदि को पितरों के निमित्त करने के लिए तुलसी का प्रयोग किया जाता है। ऐसा करने से उसमें पवित्रता आती है। साथ ही सभी दोष भी समाप्त हो जाते हैं, जिससे श्राद्ध का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
क्यों किया जाता है तुलसी दल उपयोग?
ज्योतिषियों की मानें तो सनातन धर्म में तुलसी को बहुत अधिक पवित्र माना जाता है। श्राद्ध पक्ष में पितरों के लिए बनने वाले भोजन, ग्रास या पूजा-पाठ के कार्यों में शुद्ध एवं पवित्र बनाने के लिए इसमें तुलसी को मिलाया जाता है। साथ ही उनमें होने वाले दोष को भी तुलसी समाप्त कर देती है।
दरअसल, तुलसी को भोजन में मिलने से पवित्रता आती है और पूजा-पाठ में तुलसी का इस्तेमाल करने से हर प्रकार के दोष मिट जाते हैं और श्राद्ध कर्म का संपूर्ण फल मिलता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि तुलसी का इस्तेमाल दोष को समाप्त करता है। साथ ही पितरों को मोक्ष की प्राप्ति कराता है।