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Nirjala Ekadashi 2022 Date: कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
Fri, 27 May 2022 12:49 AM IST
आशिकी पटेल
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Fri, 27 May 2022 12:49 AM IST
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कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
- फोटो : self
Nirjala Ekadashi 2022 Date: हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 10 जून को रखा जाएगा। सनातन धर्म में रखे जाने वाले तमाम व्रतों में निर्जला एकादशी का व्रत सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है। इस दिन किए गए पूजन व दान-पुण्य से अक्षय पुण्य की प्रप्ति होती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सालभर में कुल 24 एकादशी होती हैं और सभी एकादशियों का अलग-अलग महत्व होता है, लेकिन निर्जला एकादशी का महत्व सबसे खास होता है। इन सभी एकादशियों में से निर्जला एकादशी एक मात्र ऐसी है, जिसमें व्रत रखकर साल भर की एकादशियों जितना पुण्य कमाया जा सकता है। इस व्रत में पानी पीना वर्जित माना जाता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु का आशीर्वाद दिलाने वाली सभी एकादशी व्रत में निर्जला एकादशी व्रत सबसे कठिन होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी की तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में...
कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
- फोटो : अमर उजाला
निर्जला एकादशी व्रत 2022 तिथि
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जून दिन शुक्रवार को प्रात: 07 बजकर 25 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 11 जून शनिवार को प्रात: 05 बजकर 45 मिनट पर हो रहा है।
कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
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निर्जला एकादशी पूजा विधि
सबसे पहले निर्जला एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। उसके बाद पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु का स्मरण करें और शेषशायी भगवान विष्णु की पंचोपचार पूजा करें।
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कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
- फोटो : अमर उजाला
'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप जरूर करें। उसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य आदि सोलह चीजों के साथ करें और रात को दीपदान करें। पीले फूल और फलों को अर्पण करें।
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कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
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भगवान से किसी प्रकार हुआ गलती के लिए क्षमा मांगे। शाम को पुन: भगवान विष्णु की पूजा करें और रात में भजन कीर्तन करते हुए जमीन पर विश्राम करें।