फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं। भगवान शिव की साधना के लिए यह बहुत उत्तम दिन होता है। इस दिन भगवान शिव की साधना-आराधना करने से जीवन और ग्रहों से संबंधी तमाम दोषों का निवारण होता है। महाशिवरात्रि के दिन भक्तगण शिवजी को खुश करने के लिए शिवलिंग पर कई चीजें अर्पित करते हैं, लेकिन कई बार भूलवश ऐसी चीजें भी चढ़ाने लगते हैं, जिसे शास्त्रों में वर्जित माना जाता है।
Mahashivratri 2019 : इन 7 चीजों से कभी भी नहीं करनी चाहिए शिवलिंग की पूजा, जानिए क्यों ?
शिव उपासना में न करें शंख का इस्तेमाल
शिव उपासना में शंख का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। दरअसल भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था, जो भगवान विष्णु का भक्त था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है। इसलिए शिवजी की पूजा में कभी भी शंख नहीं बजाना चाहिए।
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शिवलिंग पर न चढ़ाएं तुलसीदल
तुलसी को हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है और सभी शुभ कार्यों में इसका प्रयोग होता है, लेकिन तुलसी को भगवान शिव पर चढ़ाना मना है। भूलवश लोग भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती।
शिवलिंग पर तिल न करें अर्पित
तिल को शिवलिंग में चढ़ाना वर्जित माना जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ माना जाता है इसलिए इसे भगवान शिव को नहीं अर्पित किया जाना चाहिए।
शिवलिंग पर टूटा हुआ चावल न छिड़कें
भगवान शिव को अक्षत यानी साबूत चावल अर्पित किए जाने के बारे में शास्त्रों में लिखा है। टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है इसलिए यह शिव जी को नही चढ़ता।
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