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Navratri 2020: अगर कर रहे हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ, तो ये सावधानियां रखना जरूरी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 20 Oct 2020 12:07 PM IST
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navratri 2020 दुर्गा सप्तशती पाठ के नियम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला और बहुत ही शुभफल प्रदान करने वाला है। नवरात्रि के दिनों में इस पाठ का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। दुर्गा यानि दुर्ग या किला सप्तशती अर्थात् सात सौ यानि जिसमें सात सौ मंत्रों को समाहित किया गया हो। दुर्गा सप्तशती का पाठ तीन चरणों और तेरह अध्यायों में विभाजित है। इस पाठ को करने से मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इस पाठ को करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी आवश्यक होती हैं। अन्यथा आपको नुकसान भी हो सकता है। जानते हैं कि दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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नवरात्रि 2020 दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय शुद्धता का पूर्ण ध्यान रखें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय शुद्धता का ध्यान रखना अति आवश्यक होता है। इसलिए स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद ही दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ करें। बैठने के स्थान और पूरे कमरे को भी अच्छी तरह से स्वच्छ कर लें। यदि आपका हाथ आपके पांव को छू जाता है तो पहले अपने हाथों को जल से धो लें तत्पश्चात ही पुस्तक को स्पर्श करें।
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navratri 2020
दुर्गा सप्तशती के पाठ का स्पष्ट और लयवद्ध उच्चारण करने का महत्व माना गया है ताकि सुनने में भी स्पष्ट सुनाई दे। दुर्गा सप्तशती के हर एक शब्द का उच्चारण बहुत ही ध्यान से करें। रामायण काल में जब रावण ने मां दुर्गा का यज्ञ किया तो हनुमान जी ने ''ह'' के स्थान पर ''क'' कहलवा दिया था। जिसके कारण रावण नें 'हरणी'' के स्थान पर ''करणी'' का उच्चारण कर दिया था परिणाम स्वरुप रावण को उसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ा।
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Navratri 2020
दुर्गासप्तशती का पाठ करते समय ब्रह्मचार्य का पालन करना बहुत आवश्यक होता है, क्योंकि तन की स्वच्छता के साथ मन की स्वच्छता होना भी आवश्यक है। मासिक धर्म के चक्र के समय दुर्गासप्तशती के पाठ की पुस्तक या किसी भी पूजा सामाग्री को स्पर्श नहीं करना चाहिए। ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
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