सनातन धर्म में स्त्री को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए उनको पूजनीय माना गया है। नवरात्रि को शक्ति की पूजा का पर्व माना गया है, इसलिए नवरात्रि के समापन यानि नवमी तिथि को कन्याओं को भोजन करवाने की परंपरा है। नवरात्रि में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरुप मान कर पूजा जाता है। कन्याओं को सम्मान के साथ भोज कराने के पश्चात उनको भेंट स्वरुप कुछ न कुछ अवश्य दिया जाता है। इससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं। कन्या भोज में कन्याओं को देने के लिए कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें बहुत शुभ माना जाता है। जानते हैं कि कौन वे चीजे कौन सी हैं।
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कन्याओं को भेंट में लाल वस्त्र या चुनरी दें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नवरात्रि में कन्या भोज कराने के पश्चात उन्हें भेंट स्वरुप वस्त्र देना बहुत शुभ रहता है। आप कन्याओं को वस्त्र नहीं दे सकते हैं तो उन्हें लाल रंग की चुनरी अवश्य दें। लाल रंग को बहुत शुभ माना जाता है। मां दुर्गा को भी लाल रंग की चुनरी उड़ाई जाती है। लाल रंग साहस और शक्ति का प्रतीक है।
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कन्याओं को भेंट में नारियल और कोई मौसमी फल अवश्य दें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कन्या भोज में भेंट में फल अवश्य देने चाहिए। मान्यता है कि कन्याओं को फल देने से आपके पुण्य कर्मों का दोगुना फल आपको प्राप्त होता है। आप कोई भी मौसमी फल कन्याओं को दे सकते हैं। कन्याओं को नारियल भी देना चाहिए। नारियल को श्री फल माना गया है। श्री का मतलब लक्ष्मी होता है। कन्याओं को नारियल दान करने से आपके यहां किसी प्रकार से धन का अभाव नहीं रहता है।
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कन्या पूजन में कन्याओं को श्रृंगार का सामान भेंट करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कन्याओं को श्रंगार का कुछ सामान जैसे काजल, छोटी-छोटी बिंदी, चूड़ियां इत्यादि भी भेंट कर सकते हैं। पहले उस सामान को मां दुर्गा के चरणों में अर्पित करें तत्पश्चात कन्याओं को भेंट करें। मान्यता है कि कन्याओं को श्रंगार भेंट करने से मां प्रसन्न होती हैं।
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कन्या पूजन में मिष्ठान अवश्य रखें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
कन्याओं को खीर पूड़ी या फिर हलवा चना खिलाने की परंपरा है क्योंकि ये सारी चीजें मां भगवती को भोग के रुप में अर्पित की जाती हैं। अगर आप कन्याओं को नमकीन भोजन करवा रहे हैं तो एक मिठाई भी कन्या भोज में अवश्य रखें। क्योंकि कन्याभोज में कुछ मीठा शामिल करना आवश्यक होता है। इससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं।