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जिन्होंने देवी से करना चाहा विवाह, मिली मौत की सजा
Tue, 24 Mar 2015 02:33 PM IST
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:33 PM IST
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पुराणों में कई ऐसी कथाएं मौजूद हैं जिनमें यह उल्लेख मिलता है कि माता के रूप को देखकर जब भी असुर कामाशक्त हुए माता ने उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी। आइये देखें माता ने रूप से मोहित होकर किन असुरों ने अपनी जान गंवाई।
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शुभ निशुंभ नाम के दो असुर हुए जिन्होंने इंद्र का राज छीनकर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। इन असुरों वध करने के लिए मां पार्वती ने अपने शरीर से कौशिकी नाम की देवी का उत्पन्न किया। देवी कौशिकी के रूप की तारीफ सुनकर शुंभ निशुंभ उनसे विवाह करने के लिए मचल उठे। देवी ने शुंभ निशुंभ को उनकी सेना सहित यमपुरी पहुंचा दिया।
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सागर से उत्पन्न जलंधर नामक असुर ने तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर लिया। अपनी शक्ति के अभिमान में इसने कैलाश पर्वत पर आक्रमण करके देवी पार्वती को पत्नी बनाना चाहा। इसके बाद भगवान विष्णु और शिव ने मिलकर एक योजना बनाई और उस वरदान को नष्ट कर दिया जिसके कारण जलंधर अजेय बना हुआ था। इसके बाद शिव ने मिलकर जलंधर का वध कर दिया।
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ब्रह्मा जी को प्रसन्न करके अंधकासुर ने तीनों लोकों में हाहाकार मचाना शुरु कर दिया। इस असुर को वरदान देते समय ब्रह्मा जी ने कहा था कि तुम्हारी मृत्यु सिर्फ देवी पार्वती के हाथों से संभव है। इसने ब्रह्मा जी की इस बात को भूला दिया और देवी पार्वती पर आसक्त होकर विवाह करने का विचार किया। परिणाम यह हुआ कि पार्वती को काली रूप में इस असुर का वध करना पड़ा।
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सागर मंथन के समय जब अमृत को लेकर देवता और असुरों में विवाद होने लगा तब भगवान विष्णु को देवी का स्वरूप धारण करना पड़ा। भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया जिसे देखकर असुर मोहित हो गए देवी ने सारा अमृत देवताओं को पिला दिया। राहु नाम के असुर ने मोहिनी की चाल को समझ लिया और देवताओं के साथ बैठकर अमृत पी लिया। लेकिन मोहिनी बने विष्णु ने उसी से क्षण सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया।
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