प्रत्येक वर्ष वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को नृसिंह जयंती मनाई जाती है। इस बार नृसिंह जयंती 25 मई 2021 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नृसिंह भगवान विष्णु जी के 12 अवतारों में से छठें अवतार हैं। वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए आधे नर और आधे सिंह का अवतार लिया था। इस दिन भगवान विष्णु के साथ शिव जी की पूजा करने से नृसिंह भगवान प्रसन्न होते हैं। जानते हैं नृसिंह जयंती का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
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Narasimha Jayanti 2021: इस दिन है नृसिंह जयंती, विधिवत पूजन और व्रत रखने से मिलती है हर संकट से मुक्ति
Thu, 20 May 2021 04:22 PM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 20 May 2021 04:22 PM IST
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नृसिंह जयंती 2021
नृसिंह जयंती 2021
नृसिंह जयंती महत्व
नृसिंह भगवान अपने भक्तों की हर संकट और भय से रक्षा करते हैं। इनकी विधिवत पूजा अर्चना करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है, साथ ही शत्रुओं से छुटकारा प्राप्त होता है।
नृसिंह जयंती 2021
नृसिंह जयंती शुभ मुहूर्त
वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी आरंभ- 25 मई 2021 को अंधेरे सुबह 12 बजकर 30 मिनट से
वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी समाप्त-25 मई 2021 को रात्रि 08 बजकर 35 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त- 04 बजकर 10 मिनट से 04 बजकर 57 मिनट तक
अभिजीत काल- सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
अमृत काल- रात 08 बजकर 27 मिनट से 09 बजकर 51 मिनट तक
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नृसिंह जयंती 2021
पूजा विधि-
- चतुर्दशी तिथि को प्रातः उठकर पूरे घर की साफ-सफाई करें।
- स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- शुभ मुहुर्त में पूजा के स्थान पर गोबर लीपे और कलश स्थापित करके अष्टदल कमल बनाएं।
- अब अष्टदल पर सिंह, भगवान नृसिंह और लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित करें।
- इसके बाद भगवान नृसिंह और मां लक्ष्मी का षोडशोपचार पूजन करें और पूरे दिन ईश्वर का स्मरण करते हुए व्रत करें।
- दूसरे दिन प्रातःकाल स्नान करके पूजन करें और ब्राह्मण को भोजन कराएं।
- ब्राह्मण को भोजन करवाने के पश्चात दान दक्षिणा देकर विदा करें और स्वयं व्रत का पारण करें।