भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ और मंत्र जप का बहुत अधिक महत्व है। कोई भी शुभ कार्य करने से पहले या किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए मंत्र जप किया जाता है ताकि हमें ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। मंत्र जाप का पूरा फल मिले इसके लिए हम अलग-अलग प्रकार की मालाओं का प्रयोग करते हैं। माला का उपयोग इसलिए भी किया जाता है ताकि मंत्र जप की संख्या में कोई त्रुटि न हो सके। माला में लगे हुए दानों को मनका कहा जाता है,आमतौर पर माला में 108 मनके होते हैं परन्तु कभी कभी इसमें 27 अथवा 54 मनके भी होते हैं। आइए जानते हैं किस माला का प्रयोग किन देवी-देवता के लिए किया जाता है।
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Mantra Jaap Benefits : जानिए कौन से देवी-देवता किस माला पर जप करने से होते हैं जल्द प्रसन्न
Wed, 18 May 2022 02:49 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 18 May 2022 02:49 PM IST
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Mantra Jaap Mala: माला में लगे हुए दानों को मनका कहा जाता है,आमतौर पर माला में 108 मनके होते हैं परन्तु कभी कभी इसमें 27 अथवा 54 मनके भी होते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
भगवान शिव
- फोटो : Pixabay
भगवान शिव और उनके गण
रुद्राक्ष भगवान शंकर का अंश माना जाता है। इसलिए शिवजी और शिव परिवार में विराजित सभी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए रुद्राक्ष की माला से जप करना विशेष लाभकारी होते हैं। ॐ नमः शिवाय,महामृत्युंजय और लघुमृत्युंजय मन्त्र केवल रुद्राक्ष पर ही जपना चाहिए। श्रद्धा भाव से नियमित रूप से जाप करने पर भगवान शिव सभी कामनाओं को पूर्ण करते हैं।
रुद्राक्ष भगवान शंकर का अंश माना जाता है। इसलिए शिवजी और शिव परिवार में विराजित सभी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए रुद्राक्ष की माला से जप करना विशेष लाभकारी होते हैं। ॐ नमः शिवाय,महामृत्युंजय और लघुमृत्युंजय मन्त्र केवल रुद्राक्ष पर ही जपना चाहिए। श्रद्धा भाव से नियमित रूप से जाप करने पर भगवान शिव सभी कामनाओं को पूर्ण करते हैं।
पूजन विधि
- फोटो : istock
गणेश, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी
बर्फ की तरह सफेद पारदर्शी मोती की यह माला एकाग्रता,सम्पन्नता और मन की शान्ति देने वाली मानी जाती है। श्रीगणेश,मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के मंत्र इस माला से जपना फलदाई है। धन प्राप्ति और एकाग्रता के लिए स्फटिक की माला धारण करना भी लाभ देता है। कमल गट्टे की माला से महालक्ष्मी के मन्त्रों का जप किया जाता है। इस माला का प्रयोग धन,वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
बर्फ की तरह सफेद पारदर्शी मोती की यह माला एकाग्रता,सम्पन्नता और मन की शान्ति देने वाली मानी जाती है। श्रीगणेश,मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के मंत्र इस माला से जपना फलदाई है। धन प्राप्ति और एकाग्रता के लिए स्फटिक की माला धारण करना भी लाभ देता है। कमल गट्टे की माला से महालक्ष्मी के मन्त्रों का जप किया जाता है। इस माला का प्रयोग धन,वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
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jupiter
वृहस्पति देव एवं देवी मां
विशेष उद्देश्य की पूर्ति तथा मनोकामनाओं के लिए हल्दी की माला का प्रयोग किया जाता है। वृहस्पति देव तथा मां बगलामुखी के मंत्रों के लिए पीली हल्दी की माला का प्रयोग किया जाना शुभ होता है। वहीं काली माता की पूजा में काली हल्दी की माला का प्रयोग उत्तम रहता है। हल्दी की माला से ज्ञान और संतान प्राप्ति के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
विशेष उद्देश्य की पूर्ति तथा मनोकामनाओं के लिए हल्दी की माला का प्रयोग किया जाता है। वृहस्पति देव तथा मां बगलामुखी के मंत्रों के लिए पीली हल्दी की माला का प्रयोग किया जाना शुभ होता है। वहीं काली माता की पूजा में काली हल्दी की माला का प्रयोग उत्तम रहता है। हल्दी की माला से ज्ञान और संतान प्राप्ति के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
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lord vishnu
विष्णुजी
लाल और श्वेत चन्दन से बनाई जाने वाली चन्दन की माला बहुत शुभ होती है। भगवान कृष्ण और विष्णुजी के मंत्रों के लिए सफेद चन्दन की माला का प्रयोग अच्छा माना गया है। वहीं भगवान विष्णु और उनके अवतारों के मंत्रों का जाप तुलसी की माला से किया जाता है।
लाल और श्वेत चन्दन से बनाई जाने वाली चन्दन की माला बहुत शुभ होती है। भगवान कृष्ण और विष्णुजी के मंत्रों के लिए सफेद चन्दन की माला का प्रयोग अच्छा माना गया है। वहीं भगवान विष्णु और उनके अवतारों के मंत्रों का जाप तुलसी की माला से किया जाता है।