फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mahashivratri 2021: 11 मार्च को है शिवरात्रि, शिव जी को भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें

Sat, 27 Feb 2021 11:29 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Sat, 27 Feb 2021 11:29 AM IST
विज्ञापन
Mahashivratri 2021 date significance These things should not be offered in the worship of Lord Shiva
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : फाइल फोटो

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व माना गया है। शिव भक्त महाशिवरात्रि के पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करते हैं। माघ मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार शिवरात्रि का व्रत 11 मार्च 2021 को किया जाएगा। इस दिन को शिव और शक्ति के मिलन के रूप में मनाते हैं। शिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ रहता है। इस दिन भगवान शिव का अभिषेक और उनकी प्रिय चीजों को अर्पित करने से जीवन में आने वाली कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जहां भगवान शिव उनकी प्रिय चीजों को अर्पित करने से प्रसन्न होते हैं तो वहीं शिव जी की पूजा में कुछ चीजें चढ़ाना वर्जित माना गया है। शिवरात्रि के दिन भूलकर भी ये चीजें शिव जी को अर्पित नहीं करनी चाहिए।

Mahashivratri 2021 date significance These things should not be offered in the worship of Lord Shiva
भगवान शिव को हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
हल्दी

भगवान शिव की पूजा में कभी हल्दी का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। हल्दी को सौन्दर्य और स्त्रीत्व का प्रतीक माना गया है तो वहीं शिव जी पुरुषत्व का प्रतीक हैं। इसलिए शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

Mahashivratri 2021 date significance These things should not be offered in the worship of Lord Shiva
शिव जी की पूजा में तुलसी वर्जित है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
तुलसी

भगवान शिव की पूजा में तुलसी निषेध मानी गई है। पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी के पति राक्षस जलंधर का अंत किया था, जिसके कारण माता तुलसी ने भगवान शिव को अपने औषधीय गुणों से वर्जित कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahashivratri 2021 date significance These things should not be offered in the worship of Lord Shiva
केतकी का फूल शिव पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए।(प्रतीकात्मक तस्वीर)
केतकी का फूल

भगवान शिव की पूजा में कभी भी केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता है। जब ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु में श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब भगवान शिव ने दिव्य ज्योति का रूप लिया और दोनों देवों से उसका आदि और अंत ढूंढने को कहा, तब ब्रह्मा जी ने झूठ बोला कि उन्होंने उस लिंग का छोर ढूंढ लिया है। इसके साक्षी के लिए उन्होंने केतकी के फूल की सहायता ली। इसी कारण भगवान शिव ने केतकी के पुष्प को पूजा में वर्जित कर दिया।

विज्ञापन
Mahashivratri 2021 date significance These things should not be offered in the worship of Lord Shiva
shankh

शिव जी की पूजा में शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ नामक राक्षस का वध किया था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है, इसलिए शिव जी की पूजा में शंख जल अर्पित करना वर्जित माना गया है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed