महाशिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी को है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, तीनों लोकों के मालिक भगवान शिव का सबसे बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि है। कहते हैं महाशिवरात्रि ऐसा दिन होता है जब भगवान शंकर पृथ्वी पर उनके जितने शिवलिंग हैं उन सभी में विराजमान रहते हैं।
Mahashivratri 2020: महाशिवरात्रि में जरूर करें ये पांच उपाय, धन-संपत्ति में होगी वृद्धि और बढ़ेगा
शिव जी की कृपा पाने के लिए करें यह काम
शास्त्रों में दिन को चार में बांटा गया है। महाशिवरात्रि का हर प्रहर खास होता है। शिवपुराण में महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की चार प्रहर पूजा करने का बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन सुबह, दोपहर, शाम और रात इन चारों प्रहर में रुद्राष्टाध्यायी पाठ के साथ भगवान शिव का अलग-अलग पदार्थों जैसे दूध, गंगाजल, शहद, दही या घी से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। अगर आप रुद्राष्टाध्यायी का पाठ नहीं कर पाते हैं तब शिव षडक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जप करते हुए भी शिव जी का अभिषेक कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन धारण करें यह रुद्राक्ष
प्रकृति में मुख के आधार पर कई प्रकार रुद्राक्ष पाए जाते हैं। धन एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जो लोग गुजर रहे हैं उन्हें 6मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग से स्पर्श करवाकर इस रुद्राक्ष को धारण करने से इसका प्रभाव जल्दी दिखने लगता है। छह मुखी रुद्राक्ष को कुमार कार्तिक का स्वरुप माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह शुक्र से प्रभावित होता है। शुक्र सुख और वैभव के दाता हैं और महामृत्युंजय मंत्र के ज्ञाता। इसलिए इस रुद्राक्ष को धारण करने से धन और स्वास्थ्य दोनों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
धन और सुख के लिए इस शिवलिंग की करें पूजा
भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए शिवलिंग की पूजा को सबसे उत्तम बताया गया है। इसमें भी स्फटिक का शिवलिंग हो तो और भी उत्तम फलदायी होता है। स्फटिक शिवलिंग को आप घर में भी स्थापित कर सकते हैं। महाशिवरात्रि के दिन घर में स्फटिक का शिवलिंग लाकर स्थापित करें और नियमित इसकी पूजा करें तो घर से सारे नकारात्मक प्रभाव दूर जाएंगे। इससे धन और सुख में आने वाली बाधा दूर होगी। वास्तुशास्त्र में स्फटिक शिवलिंग को वास्तुदोष से मुक्ति प्रदान करने वाला बताया गया है। जिस घर में यह शिवलिंग होता है उस घर में किसी प्रकार के वास्तुदोष का अशुभ प्रभाव नहीं होता है।
इस मंत्र का जप करें
भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले मंत्रों में सबसे आसान मंत्र है षडाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' इस मंत्र का नियमित एक माला जप भी किया जाए तो बड़ा पुण्य मिलता है और जीवन में आने वाली बाधा दूर होती है। महाशिवरात्रि के दिन किसी मंदिर में बैठकर इस मंत्र का सवा लाख जप करने से शिव कृपा प्राप्त होती है। अगर मंदिर में जप करना संभव नहीं हो तब गौशाला या नदी किनारे बैठकर इस मंत्र का जप कर सकते हैं। अगर यह भी संभव नहीं हो तब घर पर भी मंत्र का जप किया जा सकता है। घर पर ध्यान केन्द्रित करना कठिन होता है इसलिए घर को जप करने के लिए अंतिम विकल्प के रुप में देखा जाता है। इस मंत्र के जप से धन एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में कमी आती है।