Mahamrityunjaya Mantra: बेहद चमत्कारी है महामृत्युंजय मंत्र, जानिए इसका हिंदी अर्थ, जप का तरीका और फायदे
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महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
महामृत्युंजय मंत्र का हिंदी अर्थ
इस मंत्र का हिंदी अर्थ है कि हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जैसे फल शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।
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कब और कैसे करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप ?
महामृत्युंजय मंत्र का जाप प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। माना जाता है कि ये मंत्र नकारात्मकता को दूर करने में मदद करता है। शिवपुराण के अनुसार इस मंत्र का 108 बार जाप करने से व्यक्ति को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सकता है।
महामृत्युंजय मंत्र के फायदे
- इस मंत्र के पाठ से भगवान शिव हमेशा प्रसन्न रहते हैं और मनुष्य को कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
- महामृत्युंजय मंत्र के जप से रोगों का नाश होता है और मनुष्य निरोगी बनता है।
- इस मंत्र के प्रभाव से मनुष्य का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।
- जिस भी व्यक्ति को धन-सम्पत्ति पाने की इच्छा हो, उसे महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना चाहिए।