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जानिए शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों के बारे में
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Feb 2017 06:07 PM IST
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शिव भक्तों का सबसे बड़ा पर्व यानि महा शिवरात्रि 24 फरवरी को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन शिव के हर रूप को पूजा जाता है। हम आपको उन्हीं के 12 ऐसे रूपों से मिलवाने जा रहे हैं जहां शिव खुद ज्योति रूप में विराजमान हैं।
सोमनाथ ज्योर्तिलिंग
सोमनाथ को पहला ज्योर्तिलिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है।
सोमनाथ को पहला ज्योर्तिलिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है।
मल्लिकार्जुन ज्योर्तिलिंग
आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा नदी के तट पर एक पर्वत पर यह मंदिर स्थित है। कहते हैं जो यहां आ कर दर्शन करता है, उसको अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा नदी के तट पर एक पर्वत पर यह मंदिर स्थित है। कहते हैं जो यहां आ कर दर्शन करता है, उसको अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
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महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग
यह ज्योर्तिलिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर है। इसी शिप्रा नदी में हर 12 सालों में कुंभ भी लगता है। कहा जाता है कि यह एकमात्र ज्योर्तिलिंग है जो दक्षिणमुखी है।
यह ज्योर्तिलिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर है। इसी शिप्रा नदी में हर 12 सालों में कुंभ भी लगता है। कहा जाता है कि यह एकमात्र ज्योर्तिलिंग है जो दक्षिणमुखी है।
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ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग
नर्मदा नदी के तट पर स्थित इस ज्योर्तिलिंग का अपनी ही महत्व है। माना जाता है कि पहाड़ के चारों ओर नदी बहने से यहां ऊं का आकार बनता है और इसी कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से पुकारते हैं।
नर्मदा नदी के तट पर स्थित इस ज्योर्तिलिंग का अपनी ही महत्व है। माना जाता है कि पहाड़ के चारों ओर नदी बहने से यहां ऊं का आकार बनता है और इसी कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से पुकारते हैं।